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देहरादून वालों को बधाई,स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026: देहरादून की बड़ी छलांग, देशभर में 12वें स्थान पर पहुंची उत्तराखंड की राजधानी

Manish Chandra @mbi

देहरादून, ये ख़बर देहरादून वालों के साथ ही पूरे उत्तराखंड के लिए गर्व और मिसाल की बात है। किसी भी स्थान या शहर की स्वच्छता केवल वहां की साफ सफाई को ही नहीं दर्शाता है बल्कि वहां पर रहने वाले जागरूक नागरिकों की आदतों और सभ्यता का आईना होता है। हम किसी भी स्थान की साफ सफाई को देखकर वहां के लोगों के बारे में अपनी राय का निर्धारण करते हैं और इसके साथ ही उस स्थान से जुड़ी हुई तमाम बातों का प्रचार प्रसार देश और दुनिया के तमाम हिस्सों में होता है यानी कि हम अच्छी बातों का प्रतिनिधित्व करते हैं और इस कारण हमें अपने एक अच्छे शहरी होने का प्रमाण मिलता है क्योंकि हमारी सजगता जागरूकता और आदतें जब हमारा दायित्व बन जाती हैं तो प्रशंसा होना तय है। हाल ही में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में देहरादून के जिलाधिकारी डॉक्टर आशीष सिंह चौहान ने नदियों की साफ सफाई पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए नदियों में कूड़ा डालने की प्रवृत्ति पर न सिर्फ कड़े निर्देश जारी किए बल्कि इसको लेकर नए नियम भी बनाए हैं जो कि आने वाले वक्त में देहरादून की प्राकृतिक सुंदरता का संरक्षण और संवर्धन करेंगे

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) द्वारा जारी स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 के परिणामों में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। 3 से 10 लाख की जनसंख्या वाले शहरों की श्रेणी में देहरादून ने देशभर में 12वां स्थान हासिल किया है। शहर ने पिछले तीन वर्षों में लगातार प्रगति करते हुए 37वें स्थान से 12वें स्थान तक का सफल सफर तय किया है।

तीन वर्षों में 37वें से 12वें स्थान तक की उल्लेखनीय प्रगति

वर्ष 2024 में देहरादून इस श्रेणी में 41वें स्थान पर था। वर्ष 2025 में सुधार करते हुए शहर 19वें स्थान पर पहुंचा और अब 2026 में 12वां स्थान हासिल किया है। यह निरंतर सुधार शहर में वायु प्रदूषण की रोकथाम, धूल नियंत्रण, वाहनों से होने वाले उत्सर्जन पर निगरानी, स्वच्छ परिवहन और प्रशासनिक सक्रियता का परिणाम है।

ड्रोन स्प्रे और यांत्रिक सफाई से धूल पर नियंत्रण

देहरादून नगर निगम और उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग किया गया। सघन क्षेत्रों में धूल कणों को नियंत्रित करने के लिए ड्रोन के माध्यम से पानी का छिड़काव किया गया। प्रमुख मार्गों पर मैकेनिकल स्वीपिंग मशीनों से नियमित सफाई की गई। साथ ही, खुले में कूड़ा और पराली जलाने से रोकने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाए गए।

इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन और पीयूसी की सख्त जांच

वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र (PUC) की नियमित जांच की गई। शहर में ई-वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए चार्जिंग स्टेशनों का नेटवर्क बढ़ाया गया है। इसके अतिरिक्त ऋषिकेश और काशीपुर शहरों ने भी वायु गुणवत्ता सुधार में सकारात्मक प्रदर्शन किया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में देहरादून के शानदार प्रदर्शन पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगर निगम, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और समस्त शहरवासियों को बधाई दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 37वें स्थान से 12वें स्थान पर पहुंचना पूरे राज्य के लिए गौरव का विषय है। यह उपलब्धि जागरूक जनता की भागीदारी और विभागों की सतत निगरानी का परिणाम है। सरकार विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

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