मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए की एसआईआर अभियान की समीक्षा, मतदाताओं की सुविधा के लिए दिए विशेष निर्देश

देहरादून,मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने कुमाऊं और गढ़वाल के मंडलायुक्तों सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से एसआईआर अभियान की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कड़े निर्देश दिए कि एसआईआर के अगले चरण, ड्राफ्ट पब्लिकेशन, नोटिस फेज और दावे आपत्तियों के निस्तारण के समय मतदाताओं को किसी भी प्रकार की अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पहाड़ी जनपदों में मानसून के दौरान सड़क मार्ग अवरुद्ध होने या आवाजाही प्रभावित होने की प्रबल आशंका रहती है। इसके दृष्टिगत पहले से ही नोटिस के जवाब और दावे आपत्तियों की सुनवाई के लिए विशेष इंतजाम किए जाएं। जिन स्थानों पर ईआरओ और एईआरओ मतदाताओं के नोटिस पर सुनवाई करेंगे, उन स्थानों पर बिजली, पानी, इंटरनेट कनेक्टिविटी, स्कैनर और फोटोकॉपी मशीन का उचित प्रबंध अनिवार्य रूप से किया जाए।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि पहाड़ी क्षेत्रों में दावे आपत्तियों के त्वरित निस्तारण के लिए न्याय पंचायत स्तर पर क्लस्टर में कैंप लगाने हेतु एक पारदर्शी रोस्टर तैयार किया जाए। वहीं, मैदानी क्षेत्र के मतदाताओं की सुविधा के लिए तहसील के अतिरिक्त नगर निगम, नगर पंचायत और वार्ड स्तर पर भी कैंप लगाने का रोस्टर तैयार किया जाए ताकि लोगों को दूर न जाना पड़े।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि ईआरओ और एईआरओ की सहायता हेतु डॉक्यूमेंट्स वेरिफिकेशन के लिए शिक्षा, राजस्व, तहसील सहित संबंधित विभागों से नोडल अधिकारी नामित किए जाएं।
उन्होंने बताया कि प्रदेश में सत्तर ईआरओ के साथ ही आठ सौ एईआरओ की भी तैनाती की जा रही है। उन्होंने दोनों मंडलायुक्तों को चौदह जुलाई से सभी जनपदों का फील्ड विजिट कर व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण करने के निर्देश दिए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत, गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरुप, अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे, संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी प्रकाश चन्द्र दुम्का, उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी उपस्थित रहे।



