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चारधाम हेली टिकट धोखाधड़ी:उत्तराखंड STF की बड़ी कार्रवाई ,साइबर ठगों पर लगाम

चारधाम हेली टिकट धोखाधड़ी देहरादून: उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह है। देश-विदेश से भक्त यहां भगवान के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। इस पवित्र यात्रा को सुगम बनाने के लिए हेली सेवाओं का भी सहारा लिया जा रहा है, लेकिन साइबर ठगों ने इसे भी धोखाधड़ी का जरिया बना लिया है। फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया पेज और आकर्षक विज्ञापनों के माध्यम से ये अपराधी श्रद्धालुओं की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं। इसी को देखते हुए उत्तराखंड एसटीएफ (विशेष कार्य बल) ने चारधाम हेली टिकट बुकिंग से संबंधित साइबर धोखाधड़ी को रोकने के लिए एक बड़ा अभियान छेड़ा है।

चारधाम हेली टिकट धोखाधड़ी ,एसटीएफ का एंटी-फ्रॉड अभियान

उत्तराखंड एसटीएफ ने साल 2023 से ही अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। अब तक सैकड़ों वेबसाइट और बैंक खाते ब्लॉक एसटीएफ द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:

  • 2023: 64 फर्जी वेबसाइटें ब्लॉक की गईं।
  • 2024: 18 फर्जी वेबसाइटें, 45 फेसबुक पेज और 20 बैंक अकाउंट्स चिह्नित कर ब्लॉक किए गए।
  • 2025 (अब तक): 51 फर्जी वेबसाइट/यूआरएल ब्लॉक किए जा चुके हैं।

इनके अलावा, साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल किए जा रहे 111 मोबाइल नंबरों को भी ब्लॉक किया गया है। इस साल 56 बैंक खातों को फ्रीज कराया गया है और 30 व्हाट्सएप नंबरों को रिपोर्ट कर ब्लॉक कराया गया है। एसटीएफ का दावा है कि इस कार्रवाई से सैकड़ों श्रद्धालुओं को धोखाधड़ी का शिकार होने से बचाया गया है। यह अभियान गृह मंत्रालय (MHA) के अंतर्गत I4C (इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर) के समन्वय से चलाया जा रहा है।

मेटा पर लगाम कसने की तैयारी: सरकार का कानूनी नोटिस

डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर, धीरेंद्र गुंज्याल ने बताया कि मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग से जुड़े नए पेजों और विज्ञापनों को रोकने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उत्तराखंड सरकार ने उन्हें आईटी एक्ट की धारा 79(3)(b) के अंतर्गत नोडल अधिकारी नियुक्त किया है, जिसके तहत वे मेटा को लगातार कानूनी नोटिस जारी कर रहे हैं ताकि प्लेटफॉर्म ऐसे आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने के लिए बाध्य हो।

हर दिन मॉनिटरिंग और समन्वय

एसएसपी एसटीएफ स्वयं प्रतिदिन इन गतिविधियों की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उप निरीक्षक आशीष गुसाईं प्रतिदिन संबंधित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों को नोटिस भेज रहे हैं। सीओ अंकुश मिश्रा, गृह मंत्रालय (I4C), बैंक एडमिन, टेलीफोन सेवा प्रदाता और मेटा के नोडल अधिकारी अश्विन मधुसूदन से निरंतर संपर्क में रहकर कंटेंट हटवाने की प्रक्रिया को गति दे रहे हैं। सभी कानूनी प्रक्रियाएं निरीक्षक देवेंद्र नबियाल द्वारा पूरी की जा रही हैं।

नीतिगत पहल और डिजिटल समन्वय से मिली सफलता

पिछले साल उत्तराखंड एसटीएफ के प्रयासों के कारण गूगल ने केदारनाथ हेली टिकट बुकिंग से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण कीवर्ड्स पर नियंत्रण लागू किया, जिससे फर्जी विज्ञापनों का दिखना काफी हद तक कम हो गया। अब इसी तरह का नीतिगत नियंत्रण मेटा प्लेटफॉर्म (फेसबुक, इंस्टाग्राम) पर लागू करने के लिए भी पत्राचार किया जा रहा है, ताकि फर्जी हेलीकॉप्टर बुकिंग वाले फेसबुक पेज और विज्ञापनों को भी रोका जा सके।

एसएसपी एसटीएफ नवनीत सिंह ने बताया कि पिछले साल भी टीम ने सर्वाधिक फर्जी वेबसाइटों को ब्लॉक कराया था। उनके प्रयासों से अब साइबर अपराधी वेबसाइट की बजाय फेसबुक पर फर्जी पेज बनाकर और विज्ञापन बूस्ट करके लोगों को ठगने लगे हैं। उत्तराखंड पुलिस का लक्ष्य है कि यह पवित्र चारधाम यात्रा पूरी तरह सुरक्षित, सुगम और ठगी-मुक्त हो। उनका मानना है कि लोगों की जागरूकता ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।

उत्तराखंड पुलिस विभाग की अपील: धोखाधड़ी से बचें, जागरूक रहें!

उत्तराखंड पुलिस विभाग ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है:

  • श्री केदारनाथ हेली सेवा के लिए केवल आईआरसीटीसी (IRCTC) ही अधिकृत बुकिंग पार्टनर है।
  • किसी भी फेसबुक विज्ञापन या फर्जी पेज से हेलीकॉप्टर टिकट बुकिंग करने से बचें।
  • यदि आपको किसी संदिग्ध लिंक, वेबसाइट या विज्ञापन की जानकारी मिले, तो कृपया तुरंत एसटीएफ साइबर पुलिस स्टेशन की मेल आईडी ccps.deh@uttarakhandpolice.uk.gov.in पर साझा करें।
  • किसी भी प्रकार की साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर संपर्क करें।

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