मनसा देवी मंदिर :CM धामी ने घायलों का जाना हाल,मजिस्ट्रेट जांच के आदेश,मंदिर मार्ग पर बड़ा फैसला संभव
मंदिर जाने वाले मार्ग की सुरक्षा को लेकर कई कड़े कदम संभव

मनसा देवी मंदिर:उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार मनसा देवी मंदिर में हुए दुखद हादसे में घायल हुए श्रद्धालुओं का हालचाल जानने के लिए जिला चिकित्सालय हरिद्वार और एम्स ऋषिकेश का दौरा किया। यह दुर्घटना मनसा देवी मंदिर मार्ग पर हुई थी, जिसमें कई श्रद्धालु घायल हो गए।
मुख्यमंत्री धामी ने अस्पताल में भर्ती सभी घायलों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनके स्वास्थ्य के बारे में चिकित्सकों से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों को घायलों के समुचित उपचार और हरसंभव चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही करते हुए घायल श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की और यह भी कहा कि इस दुःखद घटना से प्रभावित हर व्यक्ति और शोकाकुल परिजनों के साथ राज्य सरकार पूरी तरह से खड़ी है। उन्होंने आश्वस्त किया कि घायलों के इलाज और प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता प्रदान करने में सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, विधायक मदन कौशिक, विधायक आदेश चौहान, साथ ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में हुई एक भयानक भगदड़ के बाद हड़कंप मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई है, जबकि 29 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद से शासन-प्रशासन में भारी गहमागहमी है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
विवादों से घिरा था मनसा देवी मंदिर मार्ग:
यह दुखद घटना जिस रास्ते पर हुई है, वह मनसा देवी पैदल मार्ग पहले से ही कई तरह के विवादों में रहा है। अतीत में यहां अवैध दुकानों के अतिक्रमण और सेल्फी लेते समय चोटिल होने वाले श्रद्धालुओं की खबरें आम थीं। आज की भगदड़ के बाद प्रशासन अब मंदिर जाने वाले मार्ग की सुरक्षा को लेकर कई कड़े कदम उठाने पर विचार कर रहा है।
प्रशासनिक जांच और खामियां उजागर:
घटना के तुरंत बाद, प्रशासन की एक उच्चस्तरीय टीम ने मंदिर समिति के पदाधिकारियों के साथ मिलकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने पूरे पैदल मार्ग और सीढ़ियों वाले रास्ते का बारीकी से मुआयना किया। शासन स्तर पर यह स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं कि पैदल मार्ग में पाई गई सभी खामियों को तत्काल दूर किया जाए और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं।
मजिस्ट्रेट जांच के आदेश, खतरनाक रास्ता बंद होने की आशंका:
इस गंभीर मामले में मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं। जांच के दौरान, सीढ़ियों वाले मार्ग का ऊपर से नीचे तक निरीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। मार्ग के कुछ स्थानों पर स्थायी पानी का रिसाव देखा गया, वहीं कुछ सीढ़ियां टूटी हुई पाई गईं। इसके अतिरिक्त, इस मार्ग की खड़ी चढ़ाई भी इसे बेहद खतरनाक बनाती है।

निरीक्षण कर रही टीम जल्द ही अपनी विस्तृत रिपोर्ट जिलाधिकारी और एसएसपी को सौंपेगी। इस रिपोर्ट के आधार पर यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया जाएगा कि क्या इस खतरनाक मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा या इसके सुधार के लिए कोई अन्य उपाय किए जाएंगे। फिलहाल, प्रशासन इस पूरे मामले में किसी भी तरह की कोताही बरतना नहीं चाहता और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। संभवतः, इस रास्ते को पूरी तरह से बंद करने का निर्णय भी लिया जा सकता है।
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