रुद्रप्रयाग आपदा: केंद्रीय टीम ने किया विस्तृत निरीक्षण, पुनर्निर्माण की उम्मीदें बढ़ीं

उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में हाल ही में आई भीषण आपदा से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए भारत सरकार द्वारा गठित एक उच्च-स्तरीय अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (IMCT) ने जनपद का दौरा किया। टीम का मुख्य उद्देश्य आपदा से हुई क्षति का विस्तृत मूल्यांकन करना और राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे राहत और पुनर्वास कार्यों की समीक्षा करना था।
विस्तृत आकलन और जमीनी हकीकत
जिलाधिकारी श्री प्रतीक जैन ने टीम को जिला कार्यालय में आपदा से हुई परिसंपत्तियों और जनहानि से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। इसके बाद, टीम ने बेसुकेदार क्षेत्र के आपदा प्रभावित इलाकों जैसे छैनागाड़, तालजमण, बगड़तोक, जौला, और डुंगर भटवाड़ी का स्थलीय और हवाई सर्वेक्षण किया। टीम ने बुनियादी ढाँचे, सड़कों, और अन्य साधनों को हुए नुकसान का बारीकी से अध्ययन किया। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों से भी मुलाकात कर उनकी समस्याओं को समझा और राहत कार्यों पर प्रतिक्रिया ली।
मुख्य बिंदु:
- उच्च-स्तरीय टीम का दौरा: केंद्र सरकार की अंतर-मंत्रालयी टीम (IMCT) ने रुद्रप्रयाग के आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
- उद्देश्य: नुकसान का वैज्ञानिक आकलन और राहत कार्यों की समीक्षा करना।
- प्रभावित क्षेत्र: बेसुकेदार तहसील के छैनागाड़, तालजमण, बगड़तोक, जौला और डुंगर भटवाड़ी जैसे इलाकों का हवाई और स्थलीय सर्वेक्षण।
- प्रशासन की सराहना: स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, NDRF, SDRF की त्वरित कार्रवाई की प्रशंसा की।
- पुनर्वास पर जोर: टीम की रिपोर्ट के आधार पर पुनर्वास, बुनियादी ढाँचे की बहाली और दीर्घकालिक सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
स्थानीय लोगों ने की राहत कार्यों की प्रशंसा
निरीक्षण के दौरान, स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, पुलिस, NDRF, SDRF, और अन्य बचाव एजेंसियों द्वारा आपदा के समय की गई त्वरित कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने पुनर्वास कार्यों, प्रभावित परिवारों को दी जा रही सहायता, राशन और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता, और सड़क मार्गों को फिर से खोलने के प्रयासों की भी प्रशंसा की।
सरकार की रिपोर्ट और भविष्य की योजना
केंद्रीय टीम का नेतृत्व कर रहे भारत सरकार के संयुक्त सचिव, डॉ. आर. प्रसन्ना ने बताया कि टीम द्वारा किए गए हवाई सर्वेक्षण, स्थलीय निरीक्षण और प्रशासन के साथ विस्तृत चर्चा से प्राप्त जानकारी को एक विस्तृत रिपोर्ट में संकलित कर केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस रिपोर्ट के आधार पर आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, बुनियादी ढाँचे की बहाली और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

जिलाधिकारी ने दिए आश्वासन
जिलाधिकारी श्री प्रतीक जैन ने बताया कि यह दौरा आपदा प्रबंधन और प्रभावित लोगों को त्वरित सहायता प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने छैनागाड़ में लापता लोगों की तलाश के लिए खोज और बचाव कार्यों में तेजी लाने का आश्वासन दिया। उन्होंने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री ने पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त आवासों के लिए मुआवजे की राशि को ₹2 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया है और प्रभावितों को मुआवजा देने का कार्य लगातार जारी है। जिलाधिकारी ने समिति के सामने मानसून के दौरान हुई क्षति और पुनर्वास कार्यों के लिए ₹1,850 करोड़ का प्रस्ताव भी रखा।
यह दौरा केंद्र और राज्य सरकारों के बीच आपसी सहयोग को दर्शाता है, जिससे आपदा के बाद पुनर्निर्माण और जनजीवन को सामान्य बनाने के प्रयासों को गति मिलेगी।



