उत्तराखंड कांवड़ यात्रा: स्वामी यशवीर महाराज को हरिद्वार सीमा पर रोका गया, ‘पहचान अभियान’ पर बढ़ा विवाद
कांवड़ यात्रा सुरक्षा प्रोटोकॉल
उत्तराखंड कांवड़ यात्रा: हरिद्वार,आगामी कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra 2025) से पहले ‘पहचान अभियान’ चलाने की घोषणा करने वाले स्वामी यशवीर महाराज (Swami Yashvir Maharaj) को उत्तराखंड पुलिस ने हरिद्वार में प्रवेश करने से रोक दिया है। उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड सीमा पर स्थित नारसन चेक पोस्ट (Narasan Check Post) पर रोके जाने के बाद उनके समर्थकों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली, जिससे माहौल गरमा गया।
कांवड़ यात्रा 2025 – क्या है ‘पहचान अभियान’?
स्वामी यशवीर महाराज ने घोषणा की थी कि वे कांवड़ यात्रा के दौरान उत्तराखंड के होटलों और ढाबों (Hotels and Dhabas in Uttarakhand) पर भी ‘पहचान अभियान’ चलाएंगे। यह अभियान पहले से ही उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जारी है, जिसका उद्देश्य कथित तौर पर उन लोगों की पहचान करना है जो नाम बदलकर व्यवसाय कर रहे हैं। स्वामी यशवीर का दावा है कि ऐसे लोग ‘थूक जिहाद’ (Thook Jihad) और ‘मूत्र जिहाद’ (Mootra Jihad) जैसी गतिविधियों से सनातन धर्म (Sanatan Dharma) को बदनाम कर रहे हैं।
कांवड़ यात्रा के नियम और सुरक्षा:
उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा (Kanwar Yatra Uttarakhand) को लेकर पहले से ही सख्त नियम और व्यापक सुरक्षा प्रोटोकॉल (Kanwar Yatra Security Protocol) लागू हैं। पुलिस का कहना है कि किसी भी तरह की अशांति या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्वामी यशवीर महाराज को रोके जाने का मुख्य कारण उनके अभियान से संभावित कानून-व्यवस्था की चुनौती बताया जा रहा है।
धामी सरकार की तारीफ, विवादित बयान भी:
रोके जाने के बाद स्वामी यशवीर महाराज ने उत्तराखंड की धामी सरकार (Dhami Sarkar) की कांवड़ प्रबंधन को लेकर जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि “जो लोग नाम बदलकर कांवड़ यात्रा में दुकानें लगा रहे हैं, उन पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” उन्होंने भारतीय किसान यूनियन (Bhartiya Kisan Union) के राष्ट्रीय प्रवक्ता के कांवड़ यात्रा संबंधी बयानों को भी अनुचित बताया।
मुजफ्फरनगर घटना पर सफाई:
मुजफ्फरनगर में हुई एक हालिया घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उसका गलत प्रचार-प्रसार किया गया है, जबकि उस रेस्टोरेंट में काम करने वाले सभी कर्मचारी मुस्लिम थे। इस बयान ने फिर से ‘पहचान अभियान’ के पीछे के विवादित दावों को बल दिया है।
उत्तराखंड पुलिस का स्पष्ट संदेश – आगे क्या?
उत्तराखंड पुलिस ने स्वामी यशवीर महाराज को हरिद्वार में प्रवेश करने से रोककर स्पष्ट संदेश दिया है कि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह की निजी जांच या अभियान की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह देखना दिलचस्प होगा कि इस घटनाक्रम का आगामी यात्रा और राज्य के धार्मिक-सामाजिक माहौल पर क्या असर पड़ता है।
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