उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू, राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने पहले दिन भरा गणना फॉर्म

देहरादून: उत्तराखंड में मतदाता सूचियों को दुरुस्त और आधुनिक बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम (एसआईआर) की औपचारिक शुरुआत हो गई है। अभियान के पहले ही दिन इस महत्वपूर्ण लोकतांत्रिक प्रक्रिया में राज्य की शीर्ष हस्तियों ने अपनी भागीदारी दर्ज कराई। नैनीताल के लोक भवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह को और देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पहला गणना फॉर्म सौंपा गया, जिसे भरकर उन्होंने प्रक्रिया की शुरुआत की। शीर्ष नेताओं के साथ-साथ मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी पुरुषोत्तम, निर्वाचन सचिव दिलीप जावलकर और अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने भी पहले दिन अपना गणना फॉर्म भरकर बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) को सौंपा।
पासपोर्ट साइज फोटो देने की अपील, कोई अन्य दस्तावेज नहीं चाहिए
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने प्रदेश के सभी सम्मानित मतदाताओं से एक विशेष अपील की है। उन्होंने कहा है कि सभी मतदाता अपना सबसे नया पासपोर्ट साइज फोटो गणना प्रपत्र के साथ बीएलओ को जरूर उपलब्ध कराएं, ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट किया जा सके। राहत की बात यह है कि 8 जून से 7 जुलाई तक चलने वाले इस घर-घर भ्रमण अभियान के दौरान मतदाताओं को इस फॉर्म के अलावा अपनी पहचान या पते का कोई भी दूसरा सरकारी दस्तावेज बीएलओ को जमा नहीं करना होगा।
सहायता के लिए जारी किए गए टोल फ्री नंबर
मतदाताओं की सुविधा और इस अभियान से जुड़ी किसी भी प्रकार की शंका या समस्या के समाधान के लिए निर्वाचन विभाग ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं। सभी जिलों के नागरिक किसी भी तरह की मदद या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 1950 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा राज्य स्तर पर एक विशेष टोल फ्री नंबर 1800-3300-1950 भी जारी किया गया है, जिस पर संपर्क करके इस विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की जा सकती है।



