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कुमाऊं सांस्कृतिकऑडिशन, उत्तराखंड सरकार की योजनाओं का होगा प्रचार!

कुमाऊं सांस्कृतिकऑडिशन :उत्तराखंड के कुमाऊं मंडल में सांस्कृतिक दलों को बढ़ावा देने और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, उत्तराखंड द्वारा हल्द्वानी के एमबीपीजी कॉलेज में सांस्कृतिक दलों के पंजीकरण के लिए कुमाऊं सांस्कृतिकऑडिशन शुरू हो गया है। पहले दिन ऊधमसिंह नगर जिले के 27 सांस्कृतिक समूहों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कुमाऊं सांस्कृतिकऑडिशन ,सरकारी योजनाओं का प्रचार

यह अनूठी पहल उत्तराखंड सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों और उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। विभागीय गीत नाट्य योजना के तहत पंजीकृत सांस्कृतिक दल नुक्कड़ नाटकों, लोकगीतों और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों तक सरकारी संदेश पहुंचाएंगे।

लोक संस्कृति का संरक्षण

सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, उत्तराखंड के संयुक्त निदेशक के. एस चौहान ने बताया कि यह योजना न केवल राज्य की लोक संस्कृति को सहेजने और संजोने का काम कर रही है, बल्कि स्थानीय कलाकारों को रोजगार के अवसर भी प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि लोक गीत, लोक नृत्य, कठपुतली, कव्वाली, भजन, नाटक और नुक्कड़ नाटक जैसे विभिन्न विधाओं के दल इसमें शामिल होकर युवाओं को लोक संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी दे रहे हैं।

कुमाऊं सांस्कृतिकऑडिशन का पूरा शेड्यूल

गढ़वाल मंडल के जनपदों के ऑडिशन 13 से 20 मई तक देहरादून में सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। कुमाऊं मंडल के लिए ऑडिशन का शेड्यूल इस प्रकार है:

  • 27 मई (मंगलवार): पिथौरागढ़ एवं चम्पावत
  • 28 मई (बुधवार): बागेश्वर
  • 29 मई (गुरुवार): अल्मोड़ा
  • 30 मई (शुक्रवार): नैनीताल

चयन प्रक्रिया में विशेषज्ञ शामिल

सांस्कृतिक दलों के चयन में संस्कृति और रंगमंच के क्षेत्र के अनुभवी विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें अनिल घिल्डियाल, घनश्याम भट्ट, केंद्रीय संचार ब्यूरो से श्रद्धा गुरुरानी, भारतखंडे अल्मोड़ा से सुनील कुमार और सूचना अधिकारी हल्द्वानी मीडिया सेंटर से प्रियंका जोशी प्रमुख हैं।

इस पहल से उत्तराखंड की संस्कृति को नई पहचान मिलेगी और सरकारी योजनाओं की जानकारी जन-जन तक पहुंचेगी।

Photo – DIPR Uttrakhand

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