उत्तराखंड: धामी सरकार का ग्रामीण विकास पर जोर, ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ को 2030 तक ₹100 करोड़ का लक्ष्य
हाउस ऑफ हिमालयाज :देहरादून, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और रिवर्स पलायन रोकने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। सचिवालय में ग्राम्य विकास विभाग की गेम चेंजर योजनाओं – मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना, ग्रोथ सेंटर योजना, हाउस ऑफ हिमालयाज और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना – की गहन समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास करने के निर्देश दिए। उनका लक्ष्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के संसाधन बढ़ें और पलायन कर चुके लोग वापस आकर स्वरोजगार से जुड़ें।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’: उत्तराखंडी उत्पादों का वैश्विक ब्रांड
मुख्यमंत्री धामी ने राज्य के अंब्रेला ब्रांड ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के लिए महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने निर्देश दिए कि वर्ष 2030 तक इसका टर्नओवर ₹100 करोड़ तक पहुंचाया जाए। इसके लिए यूनिटी मॉल जैसे प्लेटफार्मों के माध्यम से उत्पादों के विपणन की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के उत्पादों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बाजार उपलब्ध कराने के लिए ठोस रणनीति बनाने को कहा है।
स्मार्ट गांव और डोर स्टेप डिलीवरी से बदलेगी ग्रामीण तस्वीर
ग्रामीण विकास को गति देने के लिए, मुख्यमंत्री ने प्रत्येक विकासखंड में एक-एक स्मार्ट गांव विकसित करने के निर्देश दिए। इन गांवों में सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही, हर परिवार को रोजगार से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए ‘डोर स्टेप डिलीवरी सिस्टम’ को मजबूत करने पर भी बल दिया गया, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों तक लाभ आसानी से पहुंच सके।
ग्रोथ सेंटर्स और महिला उद्यमिता को मिलेगा बढ़ावा
ग्रोथ सेंटर्स को व्यावसायिक दृष्टिकोण से बेहतर बनाने और स्थानीय लोगों की आजीविका में वृद्धि के लिए ठोस प्रयासों का आह्वान किया गया है। मुख्यमंत्री ने इन सेंटर्स को कौशल विकास से जोड़ने के लिए भी काम करने को कहा।
इसके अतिरिक्त, ग्रामीण क्षेत्रों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस योजना के तहत आवश्यक कौशल, संसाधन और सहायता प्रदान करने पर जोर दिया गया। इसमें प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित करने की उपयुक्त व्यवस्था शामिल है।
इस महत्वपूर्ण बैठक में ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी, अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। धामी सरकार की ये पहल उत्तराखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में समृद्धि लाने और आत्मनिर्भर उत्तराखंड के सपने को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकती हैं।



