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जिंदगी और मौत : मंच पर मौत का किस्सा सुना रहे थे, अचानक खुद चल बसे पूर्व IAS डॉ शंभू नाथ

जीवन और मृत्यु के विषय पर बात कर रहे थे,

पूर्व IAS डॉ शंभू नाथ

  • उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव और जाने-माने हिंदी साहित्यकार डॉ. शंभुनाथ का निधन हो गया।
  • उनका निधन लखनऊ में एक पुस्तक विमोचन समारोह के दौरान हुआ, जब वे मंच पर बोल रहे थे।
  • बोलते-बोलते वे अचानक बेहोश होकर गिर पड़े और अस्पताल ले जाने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
  • डॉ. शंभुनाथ 1970 बैच के आईएएस अधिकारी थे और 2007 में यूपी के मुख्य सचिव बने थे।
  • उनके निधन से साहित्य जगत और प्रशासनिक गलियारों में शोक की लहर है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के जाने-माने पूर्व मुख्य सचिव डॉ. शंभुनाथ का शनिवार को निधन हो गया। वे 78 वर्ष के थे। डॉ. शंभुनाथ प्रशासनिक सेवा के साथ-साथ एक वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार के रूप में भी प्रसिद्ध थे। उनका निधन लखनऊ में आयोजित एक पुस्तक विमोचन कार्यक्रम के दौरान हुआ, जो कि एक बेहद दुखद और अप्रत्याशित घटना थी।

मंच पर बोलते-बोलते हुआ निधन

यह घटना शनिवार को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान में घटी। डॉ. शंभुनाथ यहां लेखिका मनोरमा श्रीवास्तव के उपन्यास के लोकार्पण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वे मंच पर जीवन और मृत्यु के विषय पर बात कर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। उनके बेहोश होते ही कार्यक्रम स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। उनकी पत्नी चंदा जी भी उस समय सभागार में मौजूद थीं।

उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उनकी अचानक हुई मृत्यु से साहित्य जगत और उनके शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई है।

जीवन परिचय और उपलब्धियां

बिहार के छपरा जिले में 2 मार्च 1947 को जन्मे डॉ. शंभुनाथ 1970 बैच के एक होनहार आईएएस अधिकारी थे। उन्होंने 2007 में उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव का पद संभाला। प्रशासनिक कार्यों के साथ-साथ उन्हें लेखन का भी गहरा शौक था। वे उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के अध्यक्ष भी रहे। राजनाथ सिंह जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब 2000 से 2002 के बीच डॉ. शंभुनाथ ने उनके कार्यकाल में मुख्य सचिव के रूप में कार्य किया था। उनके परिवार में उनकी पत्नी और दो बेटे हैं।

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