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एनआरएलएम से संवरा रेखा देवी का जीवन: मुख्यमंत्री के स्वरोजगार विजन से अदरक कैंडी उत्पादन में बनीं स्वावलंबी

चंपावत (उत्तराखंड):मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM/USRLM) के माध्यम से पर्वतीय क्षेत्रों की मातृशक्ति को आत्मनिर्भर बनाने के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। सुदूर ग्रामीण इलाकों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने का यह विजन धरातल पर रंग ला रहा है। इसका एक बेहतरीन और प्रेरणादायक उदाहरण जनपद चंपावत के बाराकोट ब्लॉक (ग्राम पंचायत चमदेवल, वल्सों गांव) में देखने को मिला है, जहाँ श्रीमती रेखा देवी ने अपनी मेहनत और सरकारी प्रोत्साहन से सफलता की नई इबारत लिखी है।

आर्थिक तंगी से आत्मनिर्भरता तक का सफर

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत गठित ‘भूमियां देवाय’ स्वयं सहायता समूह और वल्सों महिला संकुल संघ से जुड़ने से पहले रेखा देवी का परिवार बेहद कठिन दौर से गुजर रहा था।

  • पारिवारिक चुनौतियाँ: पति की मजदूरी से प्रतिदिन केवल ₹400 की कमाई होती थी।
  • बाजार का अभाव: खेती-बाड़ी के उत्पादों को बेचने का कोई उचित साधन नहीं था, जिससे परिवार का भरण-पोषण मुश्किल हो गया था।

गांव में सीआरपी (CRP) और बीएमएम (BMM) द्वारा आयोजित बैठकों के दौरान रेखा देवी को NRLM योजना की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर अपनी जिंदगी बदलने का फैसला किया।

आरसेटी (RSETI) से प्रशिक्षण और सरकारी वित्तीय सहायता

अपनी आजीविका को नई दिशा देने के लिए रेखा देवी ने आरसेटी (RSETI) के माध्यम से अदरक कैंडी निर्माण (Ginger Candy Making) का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद उन्हें उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (USRLM) से निम्नलिखित वित्तीय सहयोग प्राप्त हुआ:

सहायता का प्रकारआवंटित धनराशि
रिवॉल्विंग फंड (RF)₹20,000
सामुदायिक निवेश फंड (CIF)₹75,000
बैंक ऋण (CCL)₹16,000

₹12,000 की मासिक आय और देहरादून तक सप्लाई

साल 2019 में वित्तीय सहायता और हुनर के बल पर रेखा देवी ने गांव में ही अदरक कैंडी बनाना शुरू किया। शुरुआत में स्थानीय स्तर पर बिक्री के बाद, उनके उत्पाद को बाज़ार और सरस मेलों (Saras Mela) में काफी सराहा गया।

मुख्य उपलब्धि: आज रेखा देवी द्वारा तैयार की गई शुद्ध पहाड़ी अदरक कैंडी के ऑर्डर देहरादून तक से मिल रहे हैं। इस उद्यम से उन्हें अब प्रति माह लगभग ₹12,000 की नियमित आय हो रही है।

‘सशक्त महिला, सशक्त उत्तराखंड’ का साक्षात उदाहरण

मुख्यमंत्री धामी के “सशक्त महिला, सशक्त उत्तराखंड” के विजन को साकार करते हुए रेखा देवी ने न केवल अपने परिवार को आर्थिक रूप से मजबूत किया, बल्कि अपने समूह की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा है।

भविष्य की योजना: रेखा देवी अब आधुनिक मशीनरी स्थापित कर अपनी अदरक कैंडी को एक राष्ट्रीय ब्रांड के रूप में पहचान दिलाना चाहती हैं। उनकी यह सफलता सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन चुकी है।

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