Dehradun:सरकारी विश्वविद्यालयों को अपने 5 वर्ष का विजन प्लान तैयार करना होगा – सी एस बर्द्धन

Dehradun: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने सचिवालय में उच्च शिक्षा विभाग की समीक्षा की और विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के साथ कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दृष्टिकोण से प्रदेश में संचालित सरकारी और गैर-सरकारी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों की स्थिति के संबंध में विस्तार से जानकारी ली और इस दिशा में जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप संस्थानों को मॉडिफाई करने पर जोर
मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पूरी तरह से मॉडिफाई किए जाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को अपना 5 वर्ष का विजन प्लान तैयार करने के कड़े निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी सरकारी विश्वविद्यालयों को नैक (NAAC) और एनआईआरएफ (NIRF) एक्रेडिटेशन प्राप्त करने पर विशेष फोकस करने को कहा। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों को गुणवत्ता के उच्च मानकों को पूरा करने के लिए अल्पकालीन, मध्यकालीन और दीर्घकालिक कार्ययोजना तैयार करने की बात कही।
छात्र-छात्राओं के लिए बनेगा ट्रेसिंग मैकेनिज्म
उच्च शिक्षा में सुधारों पर चर्चा करते हुए मुख्य सचिव ने छात्र-छात्राओं के लिए एक प्रभावी ट्रेसिंग मैकेनिज्म तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नियमित पाठ्यक्रमों के साथ ही छात्रों के लिए इंटर्नशिप पार्टिसिपेशन को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाना चाहिए। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए उन्होंने विश्वविद्यालयों को विभिन्न इंडस्ट्रीज, एनजीओ और सोसाइटीज के साथ समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य सचिव ने बदलते वैश्विक परिवेश को देखते हुए विश्वविद्यालयों को विदेशी भाषाएँ सिखाने पर भी विशेष ध्यान केंद्रित करने को कहा।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक के अवसर पर सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम, अपर सचिव मनुज गोयल, कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल, प्रो. दीवान एस रावत, प्रो. नवीन चंद्र लोहानी, प्रो. एन के जोशी और प्रो. सतपाल सिंह बिष्ट सहित उच्च शिक्षा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



