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सीएम धामी ने हल्द्वानी में किया ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ में प्रतिभाग: लोक संस्कृति संरक्षण को बताया अस्मिता की पहचान

कुमाऊं द्वार महोत्सव : हल्द्वानी, उत्तराखंड ,मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को हल्द्वानी के एमबी इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित पाँच दिवसीय ‘कुमाऊं द्वार महोत्सव’ (Kumaon Dwar Mahotsav) में शिरकत की। मुख्यमंत्री धामी ने इस महोत्सव को सिर्फ एक सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि उत्तराखंड की अस्मिता और जड़ों की पहचान बताया।

कुमाऊं द्वार महोत्सव लोक कलाकारों को मिला वैश्विक मंच

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह महोत्सव राज्य के लोक कलाकारों को एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है, जहां वे अपनी कला का प्रदर्शन कर सकते हैं और सम्मानित होते हैं। उन्होंने कलाकारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत (Cultural Heritage of Uttarakhand) को न केवल देश में, बल्कि वैश्विक मंच (Global Platform) पर भी प्रदर्शित कर रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा पहनी गई ब्रह्म कमल टोपी का उल्लेख करते हुए कहा कि यह अब पूरे देश और दुनिया में उत्तराखंड की पहचान बन गई है।

सरकार का संस्कृति संरक्षण पर जोर: मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार लोक भाषा और संस्कृति (Folk Culture and Language) के संरक्षण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्यरत है। उन्होंने लोक कलाकारों के लिए चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी:

  • कलाकार सूची: राज्य में लोक कलाकारों की सूची तैयार की जा रही है, जिससे उन्हें सत्यापन में मदद मिलेगी।
  • आर्थिक सहायता: कोरोना काल में लगभग 3200 सूचीबद्ध कलाकारों को ₹2000 प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी गई थी।
  • पेंशन योजना: लोक कला के क्षेत्र में समर्पित कलाकारों को प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है।
  • गुरु शिष्य परंपरा: 6 माह की लोक प्रशिक्षण कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिससे युवा पीढ़ी को पौराणिक संस्कृति के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
  • साहित्य सम्मान: उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान, साहित्य भूषण और लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार के माध्यम से उत्कृष्ट साहित्यकारों को सम्मानित किया जा रहा है।

‘उत्तराखंड का दशक’ और महिला सशक्तिकरण: मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री के कथन को दोहराते हुए कहा कि यह दशक ‘उत्तराखंड का दशक’ है और इस सपने को साकार करने में राज्य की माता-बहनें (Women Empowerment) अग्रदूत बनेंगी।

उन्होंने उपस्थित लोगों से ‘स्वदेशी अपनाओ, देश को मजबूत बनाओ’ के मंत्र को अपनाने और स्वदेशी वस्तुओं का अधिक उपयोग करने की अपील भी की।

लखपति दीदी योजना से आत्मनिर्भर महिलाएं: महोत्सव के दौरान, मुख्यमंत्री ने महिला स्वयं सहायता समूहों (Women Self Help Groups – SHG) द्वारा लगाए गए स्थानीय उत्पादों के स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने ‘लखपति दीदी योजना’ (Lakhpati Didi Yojana) का जिक्र किया, जिसके तहत महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है और प्रदेश की महिलाएं आत्मनिर्भर (Self-reliant Women) बन रही हैं।

इस अवसर पर कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत, आई जी रिद्धिमा अग्रवाल, एसएसपी पी एस मीणा, प्रभारी जिला अधिकारी अनामिका सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय जनता उपस्थित रही।

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