Dehradun:मुख्यमंत्री धामी ने ‘संविधान दिवस’ पर दिलाई शपथ, उत्तराखंड में न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने की घोषणा

संविधान दिवस : देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को संविधान दिवस 2025 के अवसर पर देहरादून पुलिस लाइन में आयोजित एक कार्यक्रम में सभी उपस्थित लोगों को भारत के संविधान की उद्देशिका (Preamble) की शपथ दिलाई। इस महत्वपूर्ण अवसर पर उन्होंने अभियोजन विभाग की एक पत्रिका का विमोचन भी किया।
मुख्यमंत्री धामी ने सभी को संविधान एवं विधि दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए संविधान के मुख्य शिल्पकार डॉ. भीमराव आंबेडकर को भावपूर्ण स्मरण किया।

संविधान दिवस – अभियोजन विभाग के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएँ
न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए, मुख्यमंत्री ने अभियोजन विभाग उत्तराखंड के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं
- नए आपराधिक कानूनों (BNS, BNSS, BSA) के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सहायता राशि।
- विभाग के डिजिटलीकरण कार्य के लिए आर्थिक सहायता।
- उत्कृष्ट कार्य के लिए विभागीय अधिकारियों को पुरस्कार प्रदान करना।
- अधिकारियों को राज्य में बोली जाने वाली विभिन्न बोलियों का प्रशिक्षण प्रदान करने की व्यवस्था।
‘संविधान दिवस’ का महत्व और नए कानून
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि अभियोजन सेवा न्याय व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है, जो सत्य को स्थापित करने और प्रक्रिया को प्रभावी बनाने का काम करती है। उन्होंने याद दिलाया कि 26 नवंबर 1949 को ही संविधान सभा ने भारतीय संविधान को औपचारिक रूप से स्वीकार किया था उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों की सराहना की, जिनके नेतृत्व में वर्ष 2015 से 26 नवंबर को ‘संविधान दिवस’ के रूप में एक राष्ट्रीय पर्व की तरह मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने ‘नए आपराधिक कानून’ को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह न्याय व्यवस्था को आधुनिक, सशक्त और नागरिक-केंद्रित बना रहे हैं। भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023, और भारतीय साक्ष्य अधिनियम 2023 के लागू होने से इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल रिकॉर्ड्स को भी सबूत के रूप में मान्यता मिली है, जिससे जांच और अभियोजन प्रक्रिया अधिक वैज्ञानिक और प्रमाणिक बन गई है।
उत्तराखंड में न्याय व्यवस्था का आधुनिकीकरण
राज्य में न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि नए न्यायालय भवनों का निर्माण और मौजूदा संरचनाओं का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। Digital Courts, E-Filing और Virtual Hearings की प्रणालियों को सशक्त किया जा रहा है।
उन्होंने राज्य में लागू किए गए सख्त नकल-विरोधी कानून और यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) जैसे ऐतिहासिक फैसलों का भी ज़िक्र किया।इस कार्यक्रम में विधायक विनोद चमोली, सचिव गृह शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, निदेशक अभियोजन ए.पी. अंशुमान तथा पुलिस एवं अभियोजन विभाग के अधिकारीगण उपस्थित थे।



