Uttrakhand:लैंड यूज़ मास्टर प्लान,मुख्य सचिव बर्द्धन ने दिया भूमि के इष्टतम उपयोग का निर्देश

लैंड यूज़ मास्टर प्लान: देहरादून: उत्तराखंड में सरकारी भूमि के बेहतर और नियोजित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए, आज सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में भूमि के इष्टतम उपयोग के लिए गठित अनुशंसा समिति की बैठक संपन्न हुई, जिसमें उन्होंने अधिकारियों को लैंड पार्सल (भूमि खंडों) पर शुरू होने वाली सभी परियोजनाओं के लिए भूमि के इष्टतम उपयोग (Optimal Land Use) के स्पष्ट निर्देश दिए।
लैंड यूज़ मास्टर प्लान:प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले ‘साइट सिलेक्शन कमेटी’ का मूल्यांकन अनिवार्य
मुख्य सचिव बर्द्धन ने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी लैंड पार्सल में कोई भी प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले, जिलाधिकारी (DM) के नेतृत्व में गठित साइट सिलेक्शन कमेटी द्वारा उस भूमि खंड की अवस्थिति के अनुसार सर्वोत्तम उपयुक्त प्रोजेक्ट का चयन किया जाना चाहिए।
उन्होंने बड़े लैंड पार्सल के संबंध में कहा कि:
“बड़े लैंड पार्सल में विभिन्न उपयुक्त प्रोजेक्ट्स शुरू किए जा सकते हैं। ऐसे में हॉलिस्टिक प्लान तैयार किया जाए।”
यह निर्देश सुनिश्चित करेगा कि सरकारी जमीन का उपयोग टुकड़ों में न होकर, एक समग्र (Holistic) और दीर्घकालिक रणनीति के तहत हो।
अप्रयुक्त भूमि का परियोजना के लिए हस्तांतरण
मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के अधीन ऐसी लैंड पार्सल की पहचान करने पर जोर दिया जो वर्तमान में अप्रयुक्त हैं या जिनका उपयोग बहुत कम हो रहा है उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ऐसी भूमि किसी अन्य विभाग की महत्वपूर्ण परियोजना के लिए अत्यधिक उपयुक्त है, तो विभागों के बीच भूमि हस्तांतरित की जा सकती है। इसके लिए, उन्होंने संबंधित विभागों को एक हॉलिस्टिक प्लान (समग्र योजना) तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि राज्य की संपत्ति का अधिकतम लाभ लिया जा सके।
बैठक के दौरान समिति द्वारा विभिन्न लैंड पार्सल हेतु पूर्व में लिए गए निर्णयों और उन पर हुई कार्यवाही की अद्यतन स्थिति की भी जानकारी ली गई।
बैठक में शामिल वरिष्ठ अधिकारी
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव दिलीप जावलकर, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम, डॉ. आर. राजेश कुमार, युगल किशोर पंत, स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी, और हरिद्वार एवं टिहरी के जिलाधिकारी उपस्थित थे।



