खटीमा के लोहियाहेड वाटर बाईपास पहुंचे सीएम धामी, पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के दिए निर्देश

उधमसिंह नगर: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने उधमसिंह नगर जनपद के भ्रमण के दौरान खटीमा क्षेत्र में तेजी से उभर रहे पर्यटक स्थल लोहियाहेड वाटर बाईपास का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की अद्भुत प्राकृतिक सुंदरता और पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखा और संबंधित अधिकारियों से इस स्थल के सुनियोजित विकास को लेकर विस्तृत जानकारी हासिल की।
आकर्षक पर्यटक स्थल के रूप में होगा विकास
निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहियाहेड वाटर बाईपास क्षेत्र में पर्यटन के क्षेत्र में आगे बढ़ने की बहुत संभावनाएं हैं। यहाँ के प्राकृतिक संसाधनों और स्थानीय खूबियों को ध्यान में रखते हुए इस पूरे क्षेत्र को एक बेहद खूबसूरत और आकर्षक टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने साफ किया कि उत्तराखंड सरकार राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने और नई जगहों को दुनिया के नक्शे पर लाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार जमीनी स्तर पर काम कर रही है।
शारदा कॉरिडोर और रिवर फ्रंट से बदलेगी तस्वीर
मुख्यमंत्री ने क्षेत्र के विकास का खाका खींचते हुए बताया कि शारदा कॉरिडोर और शारदा रिवर फ्रंट जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं के अंतर्गत इस क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इन योजनाओं के पूरे होने से क्षेत्र में देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा होगा, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को एक नई और मजबूत गति मिलेगी।
स्थानीय युवाओं को मिलेंगे रोजगार के नए अवसर
क्षेत्रीय विकास के फायदों पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि लोहियाहेड वाटर बाईपास के एक प्रमुख पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए साधन तैयार होंगे। इससे स्थानीय छोटे-बड़े व्यवसायों, होमस्टे और स्वरोजगार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे लोगों की आमदनी में सीधे तौर पर बढ़ोतरी होगी। सरकार का मुख्य ध्येय यही है कि राज्य के हर कोने की पर्यटन क्षमता का पूरा इस्तेमाल किया जाए ताकि स्थानीय निवासियों को उसका सीधा लाभ मिल सके।
गुणवत्ता और पर्यावरण का ध्यान रखने के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को लोहियाहेड वाटर बाईपास के विकास के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई शुरू करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से दोटूक कहा कि विकास कार्यों के दौरान निर्माण की गुणवत्ता, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय जनता की जरूरतों का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए ताकि विकास के साथ-साथ प्रकृति का संतुलन भी बना रहे।



