Main Slideन्यूज़ निबंध

राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस पर गोष्ठी का आयोजन, प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को उजागर करने पर हुआ मंथन

बागेश्वर,राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के विशेष अवसर पर अर्थ एवं संख्या कार्यालय में एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस वर्ष के राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस की निर्धारित थीम “प्रशासनिक आंकड़ों की क्षमता को उजागर करना” पर कार्यक्रम में उपस्थित विशेषज्ञों और अधिकारियों द्वारा विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यक्रम के दौरान अर्थ एवं संख्याधिकारी दिनेश सिंह ने विख्यात वैज्ञानिक और सांख्यिकीविद् प्रोफेसर प्रशांत चंद्र महालनोबिस के सांख्यिकी क्षेत्र में दिए गए अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सांख्यिकी के विकास में उनके अद्वितीय कार्यों को सम्मान देने के लिए ही उनके जन्मदिवस 29 जून को वर्ष 2007 से प्रतिवर्ष राष्ट्रीय सांख्यिकी दिवस के रूप में पूरे देश में मनाया जाता है। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (एनएसएस) के माध्यम से समय-समय पर किए जाने वाले विभिन्न महत्वपूर्ण सर्वेक्षणों और सामाजिक-आर्थिक विकास में उनके निष्कर्षों की उपयोगिता के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम में आगे चर्चा करते हुए अपर सांख्यिकीय अधिकारी डॉ. बी.एस. राणा ने जनपद स्तर पर राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण की पूरी प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने रेखांकित किया कि इन सैंपल सर्वे से प्राप्त प्रामाणिक आंकड़ों के आधार पर ही सरकार द्वारा जनहित में विभिन्न दूरगामी नीतियों एवं कल्याणकारी योजनाओं का निर्माण किया जाता है, जिससे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जा सके। गोष्ठी में विभाग के अन्य तकनीकी अधिकारी और कर्मचारी भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

Related Articles

Back to top button