Chandigarh University Uttar Pradesh :छह मिलियन यूएस डॉलर की फंडिंग के साथ यूनिवर्सिटी युवाओं को देगा अपने स्टार्टअप आइडिया को साकार करने का अवसर
10 स्टार्टअप को तुरंत मिली फंडिंग
Chandigarh University Uttar Pradesh .. Manish Chandra/ Umesh Shukla @mbi उन्नाव (उत्तर प्रदेश): भारत की पहली निजी AI आधारित यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी उन्नाव उत्तर प्रदेश (CU-UP) ने देश में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। यूनिवर्सिटी ने 6 मिलियन यूएस डॉलर की फंडिंग के साथ अपना एक्सक्लूसिव स्टार्टअप लॉन्चपैड ‘कैंपस टैंक’ लॉन्च किया है। इसके साथ ही CU-UP भारत की पहली निजी यूनिवर्सिटी बन गई है जो युवाओं को उद्योग के गुण सिखाने के साथ-साथ सीधे फंडिंग की व्यवस्था भी कर रही है।

‘कैंपस टैंक’ के पहले चरण में, 1,000 स्टार्टअप्स में से चुने गए 10 सर्वश्रेष्ठ प्रतिभागियों ने निवेशकों के सामने अपने आइडिया पेश किए और उन्हें मौके पर ही तत्काल फंडिंग प्राप्त हुई।

Chandigarh University Uttar Pradesh उत्तर प्रदेश बना देश का बड़ा स्टार्टअप केंद्र: मंत्री नंदी
इस अवसर पर पहुंचे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने इस पहल की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप हब बन गया है।”
मंत्री नंदी ने बताया कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा चलाए गए इस AI इनोवेशन हैकथॉन और ‘कैंपस टैंक’ प्रोग्राम में देशभर के 18,000 से अधिक छात्रों ने स्टार्टअप्स के लिए रजिस्टर किया है।
“सबसे अधिक खुशी की बात यह है कि इन 18,000 से अधिक रजिस्टर्ड युवाओं में सबसे बड़ी संख्या उत्तर प्रदेश के युवाओं, और खास तौर पर हमारी बेटियों की है। यह आंकड़ा उत्तर प्रदेश के विकास और ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।”
— नंद गोपाल गुप्ता नंदी, उद्योग मंत्री, उत्तर प्रदेश

स्टार्टअप लॉन्चपैड ‘कैंपस टैंक’ के अवसर पर, यूनिवर्सिटी के चांसलर और राज्यसभा सांसद, सतनाम सिंह संधू ने राष्ट्र निर्माण में युवा उद्यमियों की भूमिका पर ज़ोर दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘कैंपस टैंक’ केवल एक स्टार्टअप फंडिंग कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह एक राष्ट्रीय आंदोलन है।
“कैंपस टैंक सिर्फ एक लॉन्चपैड नहीं है; यह एक आंदोलन है जो भारत के भावी उद्यमियों को निखारेगा। हमारा लक्ष्य है कि हमारे युवा इनोवेटर्स और फाउंडर्स प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने में एक स्तंभ बनें।”
— सतनाम सिंह संधू, चांसलर, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी यूपी और राज्यसभा सांसद
विश्वविद्यालय परिसर अब नवाचार के इंजन
सतनाम सिंह संधू ने शिक्षा के बदलते परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कॉलेज और यूनिवर्सिटी परिसरों की भूमिका अब बदल चुकी है।
उन्होंने कहा, “कॉलेज और यूनिवर्सिटी परिसर अब केवल शिक्षा के केंद्र नहीं रहे, बल्कि ये नवाचार और आर्थिक विकास के इंजन बन चुके हैं। हम ‘कैंपस टैंक’ के माध्यम से फ्यूचर के यूनिकॉर्न का निर्माण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो वैश्विक स्तर पर भारतीय प्रतिभा का परचम लहराएंगे।”
यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश के युवाओं, खासकर बेटियों में उद्यमिता को बढ़ावा देगी, बल्कि यह सुनिश्चित करेगी कि भारत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्टार्टअप इकोसिस्टम में विश्व गुरु बनने के सपने को पूरा करे। ‘कैंपस टैंक’ के माध्यम से 10 चयनित स्टार्टअप्स को तत्काल फंडिंग मिली है, जो युवाओं के सपनों को तुरंत उड़ान भरने का मौका देती है।
ग्लोबल दिग्गजों ने किया युवाओं को उत्साहित
दो दिन तक चले इस AI इनोवेशन हैकथॉन के दौरान, गूगल (Google), मेटा (Meta), जेमिनी (Gemini), माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) और आईबीएम (IBM) जैसी दिग्गज वैश्विक कंपनियों के विशेषज्ञों ने युवाओं को स्टार्टअप और एजेंटिक AI के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन किया और उन्हें खूब उत्साहित किया।
CU-UP का यह ‘कैंपस टैंक’ लॉन्च, यूनिवर्सिटी को एक शिक्षण संस्थान से बदलकर एक स्टार्टअप इकोसिस्टम क्रिएटर के रूप में स्थापित करता है, जो युवा फाउंडर्स को आइडिया से फंडिंग तक का सफर तय करने में मदद करेगा।



