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उत्तराखंड विधानसभा के बाहर कांग्रेस विधायक ने पलटी गन्ने से भरी ट्रॉली, ₹110 करोड़ बकाया भुगतान की मांग

गन्ने से भरी ट्रॉली को पलट दिया:देहरादून, उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र की शुरुआत हंगामेदार रही। जहाँ सदन के भीतर महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होनी थी, वहीं सदन के बाहर झबरेड़ा से कांग्रेस विधायक वीरेंद्र जाती ने किसानों की बदहाली को लेकर एक अनोखा प्रदर्शन किया। विधायक ने विधानसभा के मुख्य गेट पर गन्ने से भरी ट्रॉली को पलट दिया, जिससे पुलिस महकमे में अफरा-तफरी मच गई।

गन्ने से भरी ट्रॉली को पलट दिया किसानों के हक के लिए सड़क पर उतरा विपक्ष

विधानसभा गेट पर गन्ने के ढेर के बीच खड़े होकर विधायक वीरेंद्र जाती ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश का किसान अपनी मेहनत की कमाई के लिए दर-दर भटक रहा है, लेकिन सरकार सोई हुई है।

विरोध प्रदर्शन के मुख्य बिंदु:

  • बकाया भुगतान: विधायक के अनुसार, इकबालपुर शुगर मिल पर गन्ना किसानों का लगभग ₹110 करोड़ का भुगतान लंबे समय से लंबित है।
  • आर्थिक संकट: भुगतान न होने के कारण किसानों की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई है, जिससे वे कर्ज के बोझ तले दब रहे हैं।
  • प्रतीकात्मक विरोध: विधायक ने स्पष्ट किया कि उनका मकसद सुरक्षा व्यवस्था भंग करना नहीं, बल्कि गूंगी-बहरी सरकार तक किसानों की चीख पहुंचाना है।

“मजबूरी में हमें इस तरह का कदम उठाना पड़ा। इकबालपुर मिल किसानों का हक मार कर बैठी है। जब तक ₹110 करोड़ का बकाया भुगतान नहीं होता, हमारा संघर्ष थमेगा नहीं।” — वीरेंद्र जाती, विधायक (झबरेड़ा)

सुरक्षा और यातायात पर पड़ा असर

अचानक हुई इस घटना से विधानसभा मार्ग पर कुछ समय के लिए आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया। सड़क पर चारों तरफ गन्ना फैलने के कारण पुलिस को ट्रैफिक डायवर्ट करना पड़ा। हालांकि, कुछ ही देर में प्रशासनिक अधिकारियों ने अतिरिक्त बल बुलाकर ट्रॉली को हटवाया और रास्ता साफ कराया।

राजनीतिक गरमाहट

विपक्ष ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लेते हुए इसे सरकार की विफलता बताया है। वहीं, सत्तापक्ष ने विधायक के इस तरीके की आलोचना करते हुए इसे ‘पब्लिसिटी स्टंट’ करार दिया। फिलहाल, इस हंगामे ने महिला आरक्षण के विशेष सत्र के बीच किसानों के मुद्दे को राज्य की राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है।

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