देहरादून DM डॉ. आशीष चौहान कार्यभार संभालते ही एक्शन मे

देहरादून के जिलाधिकारी के रूप में पदभार ग्रहण करते ही डॉ. आशीष चौहान पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहे हैं। सोमवार को कलेक्ट्रेट स्थित ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित अपने पहले ‘जनता मिलन’ कार्यक्रम में उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि जन समस्याओं का समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिलाधिकारी ने शिकायतों के प्रभावी निस्तारण के लिए जिला स्तर पर एक ऑनलाइन शिकायत ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि फरियादियों को एक ही काम के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
115 शिकायतों पर त्वरित सुनवाई
कार्यक्रम में कुल 115 मामले पहुंचे, जिनमें भूमि विवाद, ऋण माफी, बाढ़ सुरक्षा, और आर्थिक सहायता जैसे विषय शामिल थे। जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए।
प्रमुख मामले और डीएम के कड़े निर्देश:
जमीन पर बुलडोजर और सीमांकन विवाद: तुनवाला निवासी मंजू बिष्ट ने निजी भूमि पर बुलडोजर चलाकर सीमांकन मिटाने और तारबार तोड़ने की शिकायत की। डीएम ने एसडीएम सदर को मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं, विकासनगर तहसील में 2008 से लंबित पड़े भूमि विवाद के मामले को भी तुरंत सुलझाने को कहा।
आर्थिक संकट और ऋण माफी: सहसपुर के मोहन कश्यप ने आवास फाइनेंसियर्स लिमिटेड से लिए गए 40 लाख के ऋण और घर की नीलामी रोकने की गुहार लगाई। पारिवारिक परिस्थितियों और व्यापारिक नुकसान के कारण पैदा हुए इस संकट पर डीएम ने लीड बैंक अधिकारी (LDO) को जांच के निर्देश दिए।
बाढ़ सुरक्षा और मानसून की तैयारी: रानीपोखरी ग्रांट के परिवारों द्वारा सुरक्षा दीवार की मांग पर एसडीएम डोईवाला और सिंचाई विभाग को तत्काल संयुक्त सर्वे करने के आदेश दिए गए।
बुजुर्गों और छात्रों को संबल: डालनवाला की सपना को नर्सिंग शिक्षा और अर्ष को ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक प्रशासनिक मदद का भरोसा दिया। वहीं, जर्जर मकान में रह रहे बुजुर्ग प्रेम सिंह की समस्या पर नगर निगम को त्वरित कार्रवाई हेतु निर्देशित किया।
अतिक्रमण पर जीरो टॉलरेंस
रामपुर कलां में ग्राम समाज की भूमि पर अवैध अतिक्रमण की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डॉ. आशीष चौहान ने एसडीएम सदर को जांच कर तुरंत अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए।
जनता मिलन में अपर जिलाधिकारी (वि.रा) केके मिश्रा, संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद सहित सभी तहसीलों के एसडीएम और जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिखना चाहिए।
ऑनलाइन ट्रैकिंग सिस्टम और सख्त एक्शन से सुलझेंगी जनसमस्याएं



