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उत्तराखंड के प्रशासनिक अधिकारी सम्मेलन (AOC) के दौरान मुख्यमंत्री ने दी ‘विकल्प रहित संकल्प’ की प्रेरणा

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री आवास में राज्य के आईएएस अधिकारियों की एक अनौपचारिक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन सहित सभी वरिष्ठ और युवा प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। यह मुलाकात वर्तमान में चल रहे प्रशासनिक अधिकारी सम्मेलन (AOC) के संदर्भ में थी, जिसका उद्देश्य राज्य के प्रशासनिक एजेंडे को धार देना है।

मुख्य बिंदु: ‘वर्तमान दशक उत्तराखंड का दशक’

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विजन को दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वर्तमान दशक उत्तराखंड का दशक है। उन्होंने कहा, इस संकल्प को साकार करना राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों का सर्वोच्च दायित्व है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए:

  • कार्यशैली में गति और पारदर्शिता: प्रशासन को तेजी और पारदर्शिता के साथ कार्य करना होगा।
  • लक्ष्य-आधारित और जन-केंद्रित योजनाएं: हर योजना और निर्णय लक्ष्य-आधारित (Target-based) और जन-केंद्रित (People-centric) होना चाहिए।
  • समयबद्ध निस्तारण: फाइलों का निस्तारण समयबद्ध हो और योजनाओं का प्रभाव जमीनी स्तर पर तुरंत दिखाई दे।
  • जवाबदेही: हर प्रक्रिया में जवाबदेही (Accountability) स्पष्ट होनी चाहिए।

‘राष्ट्र एवं समाज सेवा’ ही मूल भावना

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को उनकी सेवा की मूल भावना याद दिलाई। उन्होंने कहा कि यह सेवा धन, पद या सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र एवं समाज के लिए कुछ करने की भावना से चुनी गई है।

“लालफीताशाही, शिकायत न सुने जाने और फाइलों में अनावश्यक देरी जैसी बातें व्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव डालती हैं। अधिकारियों को जनता के विश्वास को सर्वोपरि रखना चाहिए।”पुष्कर सिंह धामी

उन्होंने सूर्यप्रताप सिंह, टी. एन. शेषन, और नृपेंद्र मिश्र जैसे महान प्रशासनिक अधिकारियों का उदाहरण दिया, जिन्होंने अपनी ईमानदारी और जनसेवा से समाज पर स्थायी छाप छोड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पद प्रतिष्ठा केवल कार्यकाल तक सीमित है, लेकिन कार्यों का सम्मान आजीवन रहता है।

‘नए भारत’ में उदासीनता नहीं होगी बर्दाश्त

मुख्यमंत्री धामी ने जोर देकर कहा कि आज के ‘नए भारत’ में उदासीन कार्यशैली (Indifferent Work Culture) को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए कि:

  • कोई भी कार्य अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
  • सभी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शिता और समयबद्धता से पहुँचे।
  • अधिकारी मासिक समीक्षा, निरंतर मॉनिटरिंग, और साइट निरीक्षण अवश्य करें।

अंत में, मुख्यमंत्री ने अपने सरकार के मंत्र “विकल्प रहित संकल्प” को दोहराते हुए विश्वास जताया कि आईएएस अधिकारी अपनी निष्ठा और मेहनत से उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने के लक्ष्य में अग्रणी भूमिका निभाते रहेंगे।

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