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उत्तराखंड में फिर कांपी धरती: उत्तरकाशी में भूकंप के हल्के झटके, जानें केंद्र और ताजा स्थिति

उत्तरकाशी में भूकंप: उत्तरकाशी (उत्तराखंड) ,उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में एक बार फिर धरती कांप उठी है। मंगलवार शाम करीब 7:30 बजे भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए, जिससे घबराकर ग्रामीण अपने घरों से बाहर निकल आए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 3.6 मापी गई है।

उत्तरकाशी में भूकंप का केंद्र मोरी ब्लॉक

भूकंप का केंद्र (Epicenter) उत्तरकाशी के मोरी ब्लॉक (Mori Block) में जमीन के नीचे 5 किलोमीटर की गहराई पर रहा। जिला प्रशासन ने पुष्टि की है कि भूकंप का केंद्र उत्तराखंड-हिमाचल सीमा के निकट था। राहत की बात यह है कि इस हल्के भूकंप से जिले में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है।

हिमाचल प्रदेश में भी महसूस हुए झटके:

उत्तरकाशी से सटे हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी ये झटके महसूस किए गए। विशेष रूप से, हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले के रोहड़ू (Rohru) क्षेत्र में भी लोगों ने भूकंप महसूस किया।

स्थिति पर प्रशासन की निगरानी:

उत्तरकाशी जिला प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। आपदा प्रबंधन अधिकारी, शार्दुल गुसाईं ने बताया कि मोरी क्षेत्र में हल्के झटके महसूस किए गए, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ है। उन्होंने आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों और संगठनों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं।

भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील है उत्तरकाशी और उत्तराखंड:

उत्तराखंड, जो हिमालय की गोद में बसा है, भूकंप के लिहाज से अत्यधिक संवेदनशील (Seismically Sensitive) माना जाता है। यह राज्य भूकंपीय ज़ोन 4 और 5 में आता है, जिसके कारण यहां भूकंप का खतरा बना रहता है।

  • अति संवेदनशील ज़ोन 5: रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चमोली और उत्तरकाशी जिले।
  • ज़ोन 4: नैनीताल, उधम सिंह नगर, चंपावत, हरिद्वार, पौड़ी और अल्मोड़ा।
  • ज़ोन 4 और 5 दोनों: देहरादून और टिहरी जिले।

यादगार: 1991 का विनाशकारी भूकंप:

उत्तरकाशी का इतिहास एक भयानक भूकंप का गवाह रहा है। 20 अक्टूबर 1991 को आए 6.1 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने जामक, गणेशपुर, गिनडा और मनेरी समेत कई गांवों में भारी जानमाल का नुकसान पहुंचाया था, जिससे इस क्षेत्र की संवेदनशीलता और बढ़ जाती है।

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