Uttrakhand उत्तराखंड के सपूत ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा को मिला वीर चक्र, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में दिखाया अद्वितीय साहस
ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा :देहरादून, भारत के 79वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर, देवभूमि उत्तराखंड के वीर सपूत और देहरादून निवासी ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा को उनकी अद्वितीय वीरता और साहस के लिए ‘वीर चक्र’ से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें ऑपरेशन सिंदूर के दौरान आतंकियों के ठिकानों और पाकिस्तानी सैन्य अड्डों को ध्वस्त करने के लिए दिया गया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर उन्हें बधाई दी है, और कहा है कि संपूर्ण उत्तराखंड को उन पर गर्व है।

ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा –पीएम मोदी ने किया ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र
इस साल 79वें स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले का करारा जवाब था। उस हमले में धर्म पूछकर निर्दोष लोगों की हत्या की गई थी। इस घटना से उपजे राष्ट्रव्यापी आक्रोश की अभिव्यक्ति के रूप में भारतीय सेनाओं ने 6 और 7 मई की रात को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया।
पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकाने किए ध्वस्त
ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय वायु सेना ने पाकिस्तान के अंदर सैकड़ों किलोमीटर घुसकर आतंकी मुख्यालयों को नेस्तनाबूद कर दिया। ग्रुप कैप्टन कुणाल कालरा उन 9 भारतीय वायु सेना अधिकारियों में शामिल थे, जिन्हें इस ऑपरेशन में उनकी बहादुरी के लिए वीर चक्र से सम्मानित किया गया है। इन जांबाजों ने पाकिस्तान के मुरीदके और बहावलपुर जैसे प्रमुख स्थानों पर स्थित सैन्य ठिकानों और आतंकवादी अड्डों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया।
ग्रुप कैप्टन कालरा की इस बहादुरी ने न केवल उत्तराखंड का मान बढ़ाया है, बल्कि यह देश के दुश्मनों को एक कड़ा संदेश भी है। यह सम्मान उनकी असाधारण सेवा और राष्ट्र के प्रति उनके सर्वोच्च समर्पण का प्रतीक है।



