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भीषण विमान हादसा: चीन सीमा के पास An-24 रूसी यात्री विमान क्रैश, 49 की मौत

रूसी यात्री विमान क्रैशअमूर क्षेत्र, रूस गुरुवार, 24 जुलाई, 2025 को रूस के सुदूर पूर्व में चीन सीमा के पास एक दुखद विमान दुर्घटना में 49 लोगों की मौत हो गई। अंगारा एयरलाइंस का एक An-24 रूसी यात्री विमान क्रैश अमूर क्षेत्र के टाइंडा शहर के पास रडार से गायब हो गया और पहाड़ी इलाके में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में विमान में सवार सभी 43 यात्री, जिनमें 5 बच्चे भी शामिल थे, और 6 क्रू मेंबर्स की मौत हो गई है।

रूसी यात्री विमान क्रैश,हादसा कैसे हुआ ?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, विमान खाबरोवस्क से ब्लागोवेशचेंस्क होते हुए टाइंडा जा रहा था। यह रूस के पूर्वी अमूर क्षेत्र में उड़ान भर रहा था, जो चीन की सीमा के करीब है। टाइंडा पहुंचने से ठीक पहले, विमान का रडार से संपर्क टूट गया। इंटरफैक्स की रिपोर्ट के मुताबिक, विमान ने पहले टाइंडा एयरपोर्ट पर उतरने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सका। जब उसने दूसरी बार लैंडिंग की कोशिश की, तभी वह रडार से गायब हो गया। बचावकर्मियों को टाइंडा से लगभग 16 किलोमीटर दूर एक पहाड़ी पर विमान का जलता हुआ मलबा मिला, जिससे यह पुष्टि हो गई कि कोई भी जीवित नहीं बचा।

प्रधानमंत्री मोदी ने दुख व्यक्त किया;

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने An-24 रूसी यात्री विमान क्रैश हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट किए गए एक संदेश में कहा, “रूस में हुए दुखद विमान हादसे में हुई मौतों से मुझे गहरा दुख हुआ है। पीड़ितों के परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदना है। हम रूस और उसके लोगों के साथ एकजुटता से खड़े हैं।” रूसी अधिकारियों ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। ताश समाचार एजेंसी के अनुसार, यह विमान टाइंडा एयरपोर्ट से कुछ किलोमीटर पहले एक तय चेकपॉइंट पर भी संपर्क नहीं कर पाया था।

63 साल पुराना था दुर्घटनाग्रस्त An-24 विमान: सोवियत युग का भरोसेमंद “फ्लाइंग ट्रैक्टर”

दुर्घटनाग्रस्त हुआ An-24 विमान एक 63 साल पुराना मॉडल था। यह सोवियत संघ द्वारा छोटे इलाकों में उड़ान भरने के लिए डिज़ाइन किया गया था। इस ट्विन-प्रोपेलर विमान को खराब रनवे और मुश्किल मौसम की स्थिति में भी उड़ान भरने की क्षमता के लिए जाना जाता था, जिस वजह से इसे “फ्लाइंग ट्रैक्टर” भी कहा जाता था। इसका निर्माण 1979 तक जारी रहा और आज भी कुछ सुदूर क्षेत्रों में इसका उपयोग हो रहा है।

पिछले साल सितंबर में भी अमूर इलाके में एक हवाई हादसा हुआ था, जब एक रॉबिन्सन R66 हेलिकॉप्टर लापता हो गया था, जिसमें सवार तीनों लोगों की मौत हो गई थी। यह घटना रूस के उड्डयन सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करती है, खासकर पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण पुराने विमानों के रखरखाव में आ रही चुनौतियों को देखते हुए।

Photo – courtesy Business today

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