Main Slideन्यूज़ निबंध

हिमालयी धामों में प्लास्टिक कचरा प्रबंधन की बड़ी सफलता, चार धाम यात्रा में 10 लाख से अधिक क्यूआर कोड वाले कंटेनर हुए रिकवर

देहरादून। हिमालयी तीर्थ क्षेत्रों को प्लास्टिक कचरे से मुक्त रखने के उद्देश्य से शुरू की गई क्यूआर कोड आधारित पहल रंग ला रही है। चार धाम यात्रा प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार इस साल 19 अप्रैल से 26 अगस्त के बीच बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री आए श्रद्धालुओं ने रिसाइकलिंग के लिए 10,17,200 से अधिक क्यूआर कोड युक्त प्लास्टिक कंटेनर और मल्टी-लेयर्ड पैकेजिंग जमा करके वापस किए हैं। इस अवधि के दौरान कुल रिकवरी रेट 93.25 प्रतिशत दर्ज किया गया है।

डिजिटल डिपॉजिट रिफंड सिस्टम (DDRS) पहल के तहत तीर्थयात्री यात्रा मार्ग पर बने विशेष कलेक्शन पॉइंट्स पर खाली बोतलों और पैकेजिंग को जमा करके अपना रिफंड प्राप्त कर सकते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र तथा गंगा और यमुना जैसी पवित्र नदियों के उद्गम स्थलों को प्लास्टिक कचरे से सुरक्षित रखना है।

चारों धामों में से कुल कचरा एकत्रीकरण में सबसे बड़ा योगदान बद्रीनाथ धाम का रहा, जहां से 3,04,771 कंटेनर एकत्रित किए गए और रिकवरी रेट 94 प्रतिशत रहा। केदारनाथ धाम में 2,90,273 कंटेनर एकत्रित हुए जिसका रिकवरी रेट 90 प्रतिशत रहा। गंगोत्री धाम ने 2,72,864 कंटेनर एकत्रीकरण के साथ 97 प्रतिशत का सबसे अधिक रिकवरी रेट दर्ज किया। वहीं यमुनोत्री धाम में 1,49,292 कंटेनर एकत्रित किए गए, जिसका रिकवरी रेट 92 प्रतिशत रहा। चार धाम यात्रा का सीजन नवंबर तक चलेगा, इसलिए अधिकारियों को इन आंकड़ों में और बढ़ोतरी की उम्मीद है।

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि गंगोत्री में 97 प्रतिशत का सबसे अधिक रिकवरी रेट रहा, जबकि यमुनोत्री में भी श्रद्धालुओं का बेहतरीन सहयोग मिला। भागीरथी और यमुना के स्रोत होने के कारण ये दोनों क्षेत्र पर्यावरण की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील हैं। डीडीआरएस प्रोग्राम के माध्यम से तीर्थयात्रियों की यह सक्रिय भागीदारी बेहद उत्साहजनक है।

चार धाम मार्ग पर प्लास्टिक प्रबंधन की यह व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। वर्ष 2022-23 की तुलना में इस बार क्यूआर बेस्ड कंटेनर कलेक्शन में 31 गुना से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही यात्रा मार्गों पर कलेक्शन पॉइंट्स की संख्या भी 6 गुना बढ़ाई गई है, जिससे श्रद्धालुओं को प्लास्टिक कचरा जमा करने में काफी सुगमता हो रही है।

Related Articles

Back to top button