दिल्ली हाई कोर्ट में सोनाक्षी सिन्हा के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा पर बड़ा फैसला: AI के बढ़ते खतरे पर कोर्ट सख्त
अपनी छवि को डीपफेक और एआई के दुरुपयोग से बचाना आज के सितारों के लिए सबसे बड़ी जरूरत बन गई है

सोनाक्षी सिन्हा दिल्ली हाई कोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा की पहचान और उनके ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ यानी व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक अंतरिम निर्देश जारी करने का स्पष्ट इरादा जाहिर किया है। जस्टिस ज्योति सिंह की अध्यक्षता वाली पीठ में हुई इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान यह बात प्रमुखता से उभर कर आई कि किसी भी प्रसिद्ध हस्ती की पहचान का इस्तेमाल उनकी अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता। सोनाक्षी सिन्हा ने अपनी अर्जी में विशेष रूप से उन डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और टूल्स के खिलाफ रोक लगाने की मांग की है, जो उनकी छवि, आवाज और नाम का व्यावसायिक लाभ के लिए गलत उपयोग कर रहे हैं।
इस कानूनी कार्यवाही के दौरान कोर्ट ने कथित उल्लंघन के ठोस उदाहरणों की मांग की, जिस पर सिन्हा के वकीलों ने विस्तार से बताया कि कैसे विभिन्न आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स द्वारा उनकी पहचान का अनधिकृत इस्तेमाल किया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जस्टिस सिंह ने वकीलों को सभी विवादित डिजिटल लिंक्स की एक कॉपी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, अदालत ने उन्हें दो दिनों के भीतर एक सीलबंद लिफाफे में जरूरी पूरक दस्तावेज जमा करने की अनुमति भी दी है, ताकि मामले की तह तक जाकर उचित आदेश पारित किया जा सके। इस पूरे प्रकरण की अगली सुनवाई अब 6 जुलाई को होना तय हुई है।
यह कानूनी कदम दिल्ली हाई कोर्ट के उन हालिया फैसलों की कड़ी में देखा जा रहा है जहाँ पतंजलि आयुर्वेद के संस्थापक रामदेव के अधिकारों की सुरक्षा के लिए ‘जॉन डो’ (John Doe) निर्देश जारी किया गया था। कोर्ट लगातार मनोरंजन, खेल और अध्यात्म जगत की कई हस्तियों को ऐसी सुरक्षा प्रदान कर रहा है ताकि उनकी सार्वजनिक छवि को नुकसान न पहुंचे। पूर्व में सिंगर जुबिन नौटियाल, क्रिकेटर सुनील गावस्कर, और सुपरस्टार्स जैसे काजोल, आर. माधवन, और पवन कल्याण को भी इसी तरह की कानूनी सुरक्षा मिल चुकी है। यहाँ तक कि सलमान खान, ऐश्वर्या राय बच्चन, और फिल्ममेकर करण जौहर जैसे बड़े नाम भी अपनी डिजिटल पहचान सुरक्षित रखने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटा चुके हैं।
हाल के समय में पत्रकार सुधीर चौधरी और पॉडकास्टर राज शमानी जैसे लोगों को भी भ्रामक AI कंटेंट के खिलाफ कोर्ट से राहत मिली है, जो यह दर्शाता है कि डिजिटल युग में ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ का दायरा कितना विस्तृत हो चुका है। सोनाक्षी सिन्हा, जिन्होंने ‘दबंग’ से अपने सफर की शुरुआत की और हाल ही में ‘हीरामंडी’ में अपनी बेहतरीन दोहरी भूमिका के लिए तारीफें बटोरी हैं, उनके लिए यह कानूनी लड़ाई बेहद अहम है। जैसे-जैसे मुख्यधारा के सिनेमा और डिजिटल कंटेंट के बीच की दूरी कम हो रही है, अपनी छवि को डीपफेक और एआई के दुरुपयोग से बचाना आज के सितारों के लिए सबसे बड़ी जरूरत बन गई है।



