ऑपरेशन दृष्टि: सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा ने कश्मीर में कीं 364 नेत्र सर्जरी, तंगधार में दो दिन में 220 ऑपरेशन

सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा (एएफएमएस) ने ‘ऑपरेशन दृष्टि’ के तहत कश्मीर घाटी में दो विशाल नेत्र शल्य चिकित्सा शिविरों का सफ़ल आयोजन किया। इस विशेष अभियान के तहत कुल 364 मरीजों की मोतियाबिंद, ग्लूकोमा, टेरिजियम और रेटिना से संबंधित सफल सर्जरी की गईं। श्रीनगर स्थित 92 बेस अस्पताल में 11वें नेत्र शिविर के समापन के साथ ही इस मानवीय पहल का कश्मीर चरण सफलता के साथ पूरा हो गया है।
सीमावर्ती क्षेत्रों में 18 स्क्रीनिंग शिविर और 6,000 मरीजों की जांच
मुख्य सर्जिकल शिविरों के आयोजन से पहले 92 बेस अस्पताल और 328 फील्ड अस्पताल की टीमों ने सीमावर्ती व दूर-दराज के इलाकों में 18 विशेष स्क्रीनिंग शिविर लगाए। तंगधार, दावर, माछिल, उरी, बारामूला, बांदीपोरा, खानाबल और कंगन जैसे क्षेत्रों में लगभग 6,000 लोगों के आंखों की जांच की गई। इस जांच प्रक्रिया के दौरान करीब 500 मरीजों को सर्जरी के लिए चिन्हित किया गया था, जिनका उपचार दो चरणों में पूरा किया गया।
नियंत्रण रेखा के पास तंगधार में 220 सफल नेत्र सर्जरी
ऑपरेशन दृष्टि का पहला चरण नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास स्थित तंगधार में आयोजित हुआ। 24 और 25 सितंबर को एक भूमिगत ऑपरेशन थिएटर में ब्रिगेडियर संजय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में सर्जिकल टीम ने दो दिनों के भीतर 220 सफल नेत्र सर्जरी कीं। इस प्रयास ने यह साबित कर दिया कि कठिन और चुनौतीपूर्ण सीमावर्ती इलाकों में भी अत्याधुनिक चिकित्सा सेवाएं पहुंचाई जा सकती हैं।
श्रीनगर में 144 मरीजों का हुआ जटिल आंखों का इलाज
अभियान के दूसरे चरण में 28 और 29 सितंबर को श्रीनगर के 92 बेस अस्पताल में 144 मरीजों की सर्जरी की गई। गंभीर दृष्टिदोष से जूझ रहे मरीजों की आंखों की रोशनी में सर्जरी के तुरंत बाद अभूतपूर्व सुधार देखा गया। इसमें मोतियाबिंद के अलावा ग्लूड इंट्राओकुलर लेंस (आईओएल) प्रत्यारोपण, ग्लूकोमा, टेरिजियम और डायबिटिक रेटिनोपैथी के लिए रेटिना संबंधी जटिल सर्जरी शामिल थीं।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने की चिकित्सा दल की सराहना
समापन समारोह में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने शिरकत की और एएफएमएस के चिकित्सा दल के समर्पण व विशेषज्ञता की भरपूर सराहना की। इस मौके पर 15 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल बलबीर सिंह भी उपस्थित रहे। देश के विभिन्न हिस्सों में अपनी सेवाएं देने के बाद, ऑपरेशन दृष्टि का अगला चरण अब ओडिशा में आयोजित किया जाएगा।



