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हिमालय की जीवंत ऊष्मा, सीएम धामी व्यक्तित्व और कृतित्व पर केंद्रित पुस्तक का विमोचन

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने लॉन्च की 'पुष्कर धामी: हिमालय की जीवंत ऊष्मा'; भगत सिंह कोश्यारी, प्रमोद कृष्णम और चिदानंद सरस्वती रहे विशिष्ट अतिथि

हिमालय की जीवंत ऊष्मा: देहरादून उत्तराखंड राजभवन में एक महत्वपूर्ण साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से नि) ने देवभूमि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित दो पुस्तकों का विमोचन किया।

हिमालय की जीवंत ऊष्मा – युवा लेखिका संभावना पंत द्वारा संकलित इन पुस्तकों के नाम हैं

  1. ‘पुष्कर धामीः हिमालय की जीवंत ऊष्मा’ (हिंदी)
  2. ‘Pushkar Dhami: The Vibrant Heat of the Himalayas’ (अंग्रेजी)

इस भव्य विमोचन समारोह में कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम जी महाराज (संभल), परमार्थ निकेतन ऋषिकेश स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज, और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल एवं उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इन पुस्तकों का प्रकाशन क्रमशः प्रभात पब्लिकेशन और रूपा पब्लिकेशन द्वारा किया गया है।

राज्यपाल ने की धामी के नेतृत्व की प्रशंसा

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने लेखिका संभावना पंत के लेखन की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री के संघर्षों और आदर्शों को प्रशंसनीय ढंग से उकेरा है। उन्होंने कहा कि इन पुस्तकों में दिखाया गया है कि कैसे पहाड़ के संघर्षों, दादाजी श्री खेम सिंह जी के आदर्शों, माता की विनम्रता और एक सैनिक पिता की दृढ़ता व अनुशासन में तपकर पुष्कर सिंह धामी तैयार हुए।

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक कार्यों को रेखांकित करते हुए कहा कि उत्तराखंड राज्य आज प्रत्येक क्षेत्र में अग्रिम पंक्ति में खड़ा है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत विजन 2047 के अनुरूप विकास के नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

उन्होंने मुख्यमंत्री को फ्रंटलाइन लीडर बताते हुए सिलक्यारा टनल आपदा, जोशीमठ संकट और धराली से थराली जैसी बड़ी आपदाओं में सबसे पहले प्रभावित लोगों के बीच पहुँचकर उनकी पीड़ा पर मरहम लगाने के उनके कार्य की विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लिए गए ऐतिहासिक और दृढ़ निर्णयों की भी सराहना की।

मुख्यमंत्री धामी ने साझा किए अनुभव

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भावुक होते हुए अपने बचपन के पगडंडियों और सैनिक पिता की पत्नी होने के नाते अपनी माता जी के संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने जीवन में कभी बड़ा बनने का नहीं सोचा, लेकिन समाज के लिए कुछ अच्छा करने की जीवंत ऊष्मा हमेशा उनके भीतर रही।

संतों ने दिया आशीर्वाद

  • स्वामी चिदानंद सरस्वती जी महाराज ने कहा कि जिस प्रकार पीएम मोदी के नेतृत्व में देश में कार्य हो रहे हैं, उसी तरह के राष्ट्र और समाज विकास के कार्य मुख्यमंत्री धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में हो रहे हैं।
  • आचार्य प्रमोद कृष्णम जी ने धामी जी की कर्तव्य परायणता की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे देश-काल की वास्तविकताओं के अनुरूप निर्णय लेते हैं।

लेखिका ने बताया पुस्तक का सार

लेखिका संभावना पंत ने बताया कि यह पुस्तक मुख्यमंत्री धामी के व्यक्तिगत गुणों, आचरण, दूरदर्शी सोच और नेतृत्व क्षमता को दर्शाती है। यह उनके युवा अवस्था से लेकर मुख्य सेवक के शीर्ष पद तक पहुँचने की गाथा है।कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, पद्मश्री बसंती बिष्ट सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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