सावन में बिखरी तीज की छटा: झूलों, मेहंदी और लोकनृत्यों से गुलजार रही सावन की शाम, धूमधाम से मनाया तीज महोत्सव

Manish Chandra @mbi
देहरादून,पवित्र सावन मास के आगमन के साथ ही चारों ओर खुशहाली, उमंग और त्योहारों की रंगत देखने को मिल रही है। सावन के इस पावन अवसर पर संयुक्त सैनिक समाज सेवा समिति के तत्वावधान में देहरादून में तीज महोत्सव का भव्य और आकर्षक आयोजन अत्यंत हर्ष और उल्लास के साथ किया गया। सावन की हरियाली और तीज के पारंपरिक गीतों के बीच महिलाओं ने हरी साड़ियों, पारंपरिक वेशभूषा और हाथों में मेहंदी रचाकर भारतीय संस्कृति की सुंदर छटा बिखेरी। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि विधायक विनोद चमोली ने सभी प्रतिभागियों और प्रतियोगिता में सफल लोगों को शुभकामनाएं और बधाई देते हुए महिला सशक्तिकरण के लिए संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की
विशेष अतिथियों ने बढ़ाया कार्यक्रम का गौरव
आयोजन में VG Mrs India Empress 2025 की विजेता एवं इमोशनल इंटेलिजेंस कोच प्रियंवदा चौधरी ने विशेष अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने उपस्थित महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सावन का यह पर्व खुशियों और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। महिलाओं को अपने आत्मविश्वास, मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक संतुलन को मजबूत बनाते हुए समाज के हर क्षेत्र में अग्रसर रहना चाहिए।
वहीं, VG Mrs India Empress की रनर-अप और योग शिक्षिका ईशा रावत ने मुख्य अतिथि के रूप में महिलाओं को सावन के इस मौसम में बेहतर स्वास्थ्य और नियमित योग अपनाने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ महिला ही सशक्त परिवार और समाज का निर्माण कर सकती है।
सांस्कृतिक विविधता और महिला एकजुटता का प्रतीक
समिति की अध्यक्ष सन्तोषी रावत (भैरवी) ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि सावन के महीने में मनाया जाने वाला तीज महोत्सव केवल एक धार्मिक रीति-रिवाज नहीं है, बल्कि यह महिलाओं की आपसी एकजुटता, संस्कृति के संरक्षण और सामाजिक सहभागिता का एक सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से महिलाओं को अपनी छिपी प्रतिभाओं को निखारने का एक मंच प्राप्त होता है।
झूलों, मेहंदी और लोकनृत्यों से गुलजार रही सावन की शाम
महोत्सव के दौरान सावन के पारंपरिक झूलों, मेहंदी प्रतियोगिता, सावन के लोकगीतों और मनमोहक नृत्य प्रस्तुतियों ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। महिलाओं ने सावन के उत्साह के साथ एक-दूसरे को तीज पर्व की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसने भारतीय परंपरा, नारी शक्ति और सामाजिक समरसता की एक अनूठी मिसाल पेश की।







