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उत्तराखंड में पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों का होगा सोशल ऑडिट और बच्चों की डिजिटल मैपिंग

देहरादून: मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आज सचिवालय में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम पोषण) योजना के संबंध में राज्य स्तरीय क्रियान्वयन एवं अनुश्रवण समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में योजना को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए गए।

सोशल ऑडिट और अनुपालन रिपोर्ट के निर्देश
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को पीएम पोषण योजना के तहत राज्य के अधिक से अधिक स्कूलों का सोशल ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल ऑडिट के दौरान जो भी कमियां सामने आएं, उनके बारे में संबंधित जिलों को तुरंत सूचित किया जाए और इसके बाद एक विस्तृत अनुपालन रिपोर्ट भी प्रस्तुत की जाए।

बच्चों की डिजिटल मैपिंग और हेल्थ स्क्रीनिंग पर जोर
बैठक में मुख्य सचिव ने विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों का एक मजबूत डिजिटल मैपिंग और ट्रैकिंग मैकेनिज्म तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बच्चों की हेल्थ स्क्रीनिंग पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया है कि एनीमिया जैसी बीमारियों से पीड़ित बच्चों का उचित उपचार किया जाए और उनका लगातार फॉलोअप लिया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि इस बात का भी आकलन किया जाए कि किस जिले या ब्लॉक में बच्चों को किस तरह की स्वास्थ्य समस्याएं ज्यादा हैं, ताकि उन क्षेत्रों में विशेष फोकस के साथ काम किया जा सके।

बजट प्रस्तुतीकरण और नई पहल
सचिव रविनाथ रमन ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत सरकार को भेजी जाने वाली वार्षिक कार्ययोजना और बजट का खाका समिति के सामने रखा। उन्होंने विभाग की नई पहलों की जानकारी देते हुए बताया कि मिड डे मील में पोषक तत्वों को बढ़ाने के लिए बागेश्वर और हरिद्वार जिलों में 78 भोजन माताओं को मशरूम की खेती का प्रशिक्षण दिया गया है। इसके अलावा उत्तराखंड सहकारी डेयरी फेडरेशन लिमिटेड के सहयोग से अब बच्चों को सप्ताह में दो बार फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड स्किम्ड दूध भी उपलब्ध कराया जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव चंद्रेश कुमार यादव, अपर सचिव नमामि बंसल, रोहित मीणा और विद्यालयी शिक्षा निदेशक मुकुल कुमार सती सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।

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