केंद्रीय बजट 2026-27: ‘वॉटर टावर’ उत्तराखंड ने केंद्र से मांगी विशेष मदद; आपदा प्रबंधन और विकास के लिए रखे बड़े प्रस्ताव
नई दिल्ली/देहरादून: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित प्री-बजट बैठक में उत्तराखंड ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अपनी प्राथमिकताओं को मजबूती से साझा किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के प्रतिनिधि के रूप में प्रदेश के वन मंत्री सुबोध उनियाल ने बैठक में शिरकत की और राज्य की भौगोलिक चुनौतियों व पारिस्थितिक सेवाओं के बदले विशेष आर्थिक सहयोग की मांग की।
उत्तराखंड: राष्ट्र का ‘वॉटर टावर’ और ईको-सिस्टम प्रदाता
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संदेश में उत्तराखंड को देश का “वॉटर टावर” बताया। उन्होंने कहा कि राज्य न केवल राष्ट्र को जल सुरक्षा प्रदान करता है, बल्कि महत्वपूर्ण ईको-सिस्टम सेवाएं भी देता है। “विकसित भारत @2047” के संकल्प को पूरा करने के लिए उत्तराखंड ने केंद्र से जलवायु लचीलापन (Climate Resilience) और सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की अपील की है।
राज्य की प्रमुख मांगें और प्रस्ताव:
बैठक के दौरान उत्तराखंड सरकार ने एक विस्तृत मेमोरेंडम पेश किया, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया गया:
| श्रेणी | प्रमुख मांग/सुझाव |
| रेलवे विकास | ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन के विस्तार के साथ टनकपुर-बागेश्वर-कर्णप्रयाग-रामनगर रेलवे सर्किट के सर्वेक्षण की मांग। |
| बुनियादी ढांचा | “स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट” को जारी रखने का अनुरोध। |
| कृषि एवं वन्यजीव | जंगली जानवरों (नीलगाय, भालू, बंदर) से फसल बचाने के लिए क्लस्टर आधारित तारबंदी योजना के लिए अनुदान। |
| जल एवं पर्यटन | ‘फ्लोटिंग पॉपुलेशन’ (पर्यटकों) के दबाव को देखते हुए सतत पर्यटन के लिए नई केंद्र पोषित योजना। |
| आपदा एवं राहत | आपदा प्रभावित विशेष श्रेणी राज्यों के लिए पुनर्निर्माण का पूरा खर्च SDRF से वहन करने का प्रावधान। |
| ऊर्जा क्षेत्र | दुर्गम क्षेत्रों में जल विद्युत परियोजनाओं के लिए ₹8,000 करोड़ की Viability Gap Funding (VGF)। |
सामाजिक सुरक्षा और जन कल्याण
उत्तराखंड ने सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए केंद्र से कुछ महत्वपूर्ण वृद्धियां करने का आग्रह किया है:
- पेंशन: 60-79 वर्ष के बुजुर्गों के लिए वृद्धावस्था पेंशन में केंद्र का अंश ₹200 से बढ़ाकर ₹500 किया जाए।
- आंगनबाड़ी: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मासिक मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव।
- जल जीवन मिशन: योजना की अवधि बढ़ाने और शहरी क्षेत्रों के लिए बजट में विशेष प्रावधान की मांग।
कुंभ और भविष्य की चुनौतियां
आगामी कुंभ मेले के आयोजन को देखते हुए उत्तराखंड ने बुनियादी ढांचे और रखरखाव के लिए विशेष वित्तीय पैकेज की मांग की है। साथ ही, राज्य ने सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में देश में प्रथम स्थान प्राप्त करने की उपलब्धि को दोहराते हुए कहा कि विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रदेश सुशासन और वित्तीय प्रबंधन में अग्रणी है।
निष्कर्ष:
उत्तराखंड की ओर से प्रस्तुत यह मेमोरेंडम न केवल राज्य के विकास बल्कि देश की पर्यावरणीय सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। अब सबकी निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण पर टिकी हैं कि वे ‘देवभूमि’ की इन मांगों पर कितनी उदारता दिखाती हैं।



