Uttarakhand Gau Sanrakshan मुख्यमंत्री धामी ने की गोवर्धन पूजा,निराश्रित गौवंश के लिए बड़ा ऐलान
CM पुष्कर सिंह धामी ने CM आवास की गौशाला में की पूजा-अर्चना, गौ सदनों के लिए प्रतिदिन ₹80 और निजी गौशाला निर्माण पर 60% सब्सिडी देने का किया जिक्र

त्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज गोवर्धन पूजा के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री आवास स्थित गौशाला में गौमाता की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेश की खुशहाली, समृद्धि और जन कल्याण के लिए कामना की।Uttarakhand Gau Sanrakshan
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि गोवर्धन पूजा का पर्व प्रकृति संरक्षण और मनुष्यों एवं जानवरों के बीच के प्रेम को दर्शाता है। यह हमारी समृद्ध परंपराओं, संस्कृति और पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बने रहने का भी महत्वपूर्ण संदेश देता है।
Uttarakhand Gau Sanrakshan आजीविका और आत्मनिर्भरता का आधार
मुख्यमंत्री धामी ने गौमाता के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि हिंदू धर्म और सनातन संस्कृति में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है। यह कृषि जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है।
उन्होंने गौ-सेवा को केवल धार्मिक भावनाओं से जुड़ा नहीं बताया, बल्कि इसे आजीविका और आत्मनिर्भरता (Ajeevika and Atmanirbharta) से भी जोड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा, “कई परिवारों का भरण-पोषण गाय पालन और गौ-सेवा से होता है। गौ-संवर्धन हमारे जीवन को आगे बढ़ाता है।”
गौ-संरक्षण के लिए धामी सरकार के बड़े फैसले
मुख्यमंत्री ने गौ-संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की जानकारी दी और सभी प्रदेशवासियों से गायों की सेवा, सुरक्षा और संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने की अपील की।
- निराश्रित गौवंश के भिए भरण-पोषण राशि में बड़ी वृद्धि: गौशालाओं में पाले जा रहे निराश्रित पशुओं के भरण-पोषण के लिए दी जाने वाली राशि को ₹5 प्रति दिन प्रति पशु से बढ़ाकर अब ₹80 प्रति पशु/प्रति दिन कर दिया गया है।
- निजी गौशालाओं के लिए सब्सिडी: निजी रूप से गौशालाओं के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने 60 फीसदी सब्सिडी देने का प्रावधान किया है।
- गौ सदनों का निर्माण: मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में राज्य में करीब 54 गौ सदनों का निर्माण कार्य जारी है, और राज्य सरकार भविष्य में भी गौ संरक्षण के लिए कार्य करती रहेगी।
यह निर्णय उत्तराखंड सरकार की गौवंश के कल्याण और गौ-आधारित आजीविका को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
PHOTO – DIPR UTTRAKHAND



