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Uttarakhand disaster :धराली-हर्षिल में SDRF, सेना और प्रशासन का युद्धस्तर पर राहत-बचाव अभियान जारी

दर्जनों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है

युद्धस्तर पर राहत-बचाव : उत्तरकाशी (Uttarkashi) जनपद के धराली (Dharali) और हर्षिल (Harsil) क्षेत्रों में आई प्राकृतिक आपदा के बाद, उत्तराखंड सरकार और विभिन्न एजेंसियां मिलकर बड़े पैमाने पर राहत और बचाव कार्य चला रही हैं। राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) उत्तराखंड पुलिस, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP), वायुसेना, और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDRF) की टीमें इस मिशन में दिन-रात जुटी हुई हैं।

युद्धस्तर पर राहत-बचाव हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू और सहायता

आपदाग्रस्त इलाकों से अब तक दर्जनों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। चिनूक और एमआई-17 जैसे अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर एयरलिफ्टिंग के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं। लोगों को धराली-हर्षिल से आईटीबीपी मातली शिविर और जॉलीग्रांट (देहरादून) हेलीपैड तक पहुंचाया गया है, जहां से उन्हें सुरक्षित स्थान पर भेजा जा रहा है।

मुख्यमंत्री धामी की लगातार निगरानी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) इस पूरे बचाव अभियान की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों तक हेलिकॉप्टर के जरिए राहत सामग्री, पीने का पानी, दवाइयां और राशन पहुंचाया जा रहा है। सरकार की प्राथमिकता है कि किसी भी नागरिक को जरूरी सामान की कमी न हो।

हर नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

SDRF की प्रशिक्षित टीमें मुश्किल और दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर भी पहुंच रही हैं ताकि हर जरूरतमंद तक मदद समय पर पहुंचे। उत्तराखंड सरकार ने स्पष्ट किया है कि आपदा की इस घड़ी में हर नागरिक की जान की सुरक्षा, तत्काल मेडिकल सहायता और मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार “राहत, बचाव और पुनर्वास” के सिद्धांत पर काम कर रही है और प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद के लिए तेजी से कदम उठा रही है।

News /Photo Source – DIPR Uttrakhand

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