Uttrakhand: पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य सेवाएं हो रही मजबूत,टिहरी नर्सिंग कॉलेज को मिला PG का दर्जा-स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार
नर्सिंग शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान

सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की महत्वपूर्ण घोषणा को अमल में लाते हुए, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने आज (तिथि) स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ एक विस्तृत समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य केंद्र टिहरी जनपद के सुरसिंहधार स्थित राजकीय नर्सिंग कॉलेज को पोस्ट ग्रेजुएट (PG) कॉलेज के रूप में विकसित करने पर था।
सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज समयबद्ध क्रियान्वयन सर्वोच्च प्राथमिकता
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों से परियोजना की प्रगति, उपलब्ध बुनियादी ढाँचे (इंफ्रास्ट्रक्चर), वित्तीय-प्रशासनिक स्वीकृतियों की स्थिति और निरीक्षण रिपोर्ट पर गहन जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
डॉ. कुमार ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए:
- प्राथमिकता: इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
- उद्देश्य: नर्सिंग शिक्षा को मजबूत करना, विशेषज्ञ नर्सिंग जनशक्ति तैयार करना।
- लाभ: पहाड़ी जिलों में स्वास्थ्य सेवाओं को और सशक्त बनाना।
- कार्यवाही: शासन स्तर पर आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूरी करते हुए प्रस्ताव को समय पर आगे बढ़ाया जाए।
PG कॉलेज की मान्यता और 15 नई सीटें स्वीकृत
स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुपालन में, शासन द्वारा 14 अगस्त 2025 को संबंधित प्रस्ताव के लिए वित्तीय और प्रशासनिक स्वीकृतियाँ पहले ही जारी की जा चुकी हैं। अब टिहरी जनपद के चंबा क्षेत्र में स्थित सुरसिंहधार नर्सिंग कॉलेज को विधिवत PG कॉलेज का दर्जा प्रदान कर दिया गया है।
निरीक्षण समिति की रिपोर्ट ने लगाई मुहर
- समिति गठन: 12 नवम्बर 2025 को एक निरीक्षण समिति का गठन किया गया, जिसने परिसर का भौतिक सत्यापन किया।
- निरीक्षण निष्कर्ष (14 नवम्बर 2025): समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि कॉलेज परिसर में भवन, कक्षाएँ, प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय और एमएससी नर्सिंग के लिए आवश्यक अतिरिक्त कक्षाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं।
- क्लीनिकल सुविधाएँ: प्रशिक्षण की अनिवार्य शर्तों को पूरा करते हुए, कॉलेज के पास क्लीनिकल पोस्टिंग के लिए जिला चिकित्सालय बौराड़ी (100 बेड) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरेंद्रनगर (50 बेड) उपलब्ध हैं।
- बुनियादी ढाँचा: संस्थान के पास कुल 71,900.33 वर्गफुट क्षेत्र उपलब्ध है, जिसे समिति ने मानकों के अनुरूप और पी.जी. कॉलेज संचालन के लिए उपयुक्त पाया।
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर समिति ने एमएससी नर्सिंग कार्यक्रम शुरू करने के लिए 15 नई सीटों की संस्तुति की है, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।
PHOTO- DIPR UTTRAKHAND



