उत्तराखंड योग नीति: विश्व भर के लोग सफल इलाज के लिए आना चाहते हैं-जानिए क्या है स्पिरिचुअल इकोनामिक जोन

Ashwani MBI
उत्तराखंड योग नीति भराड़ीसैंण (गैरसैंण), उत्तराखंड: 11वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण में एक ऐतिहासिक पल देखा गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा परिसर में आयोजित भव्य कार्यक्रम में न केवल योग गुरु पद्मश्री स्वामी भारत भूषण और 8 देशों के प्रतिनिधियों के साथ योगाभ्यास किया, बल्कि राज्य की पहली ‘योग नीति 2025’ का औपचारिक शुभारंभ भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड को योग और अध्यात्म की वैश्विक राजधानी बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।
उत्तराखंड योग नीति 2025 लॉन्च: उत्तराखंड बनेगा ग्लोबल वेलनेस हब
शंखनाद और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुरू हुए इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री धामी ने ‘योग नीति’ पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से लागू की गई यह नीति उत्तराखंड को योग और वेलनेस की वैश्विक राजधानी के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
सीएम की बड़ी घोषणाएं: ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’ और दो नए योग नगर
मुख्यमंत्री ने भराड़ीसैंण में ‘एक वृक्ष, योग के नाम’ कार्यक्रम के तहत सेब का पौधा लगाते हुए भविष्य की बड़ी योजनाओं का अनावरण किया:
- दो ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’: मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही प्रदेश में आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा, योग और आध्यात्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गढ़वाल और कुमाऊं मंडलों में एक-एक ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’ की स्थापना करेगी।
- दो नए योग नगर: धामी ने कहा कि राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में दो नए नगर बसाए जाएंगे, जो योग, आयुर्वेद और अध्यात्म के केंद्र बनकर वैश्विक मानचित्र पर उत्तराखंड की विशेष पहचान स्थापित करेंगे। इन नगरों में विश्व भर से वेलनेस क्षेत्र के बड़े समूह, आध्यात्मिक गुरुओं और संस्थानों को आमंत्रित किया जाएगा।
योग नीति से मिलेंगे लाभ:
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड योग नीति के तहत प्रदेश में योग एवं ध्यान केंद्र विकसित करने पर अधिकतम 20 लाख रुपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। साथ ही, योग, ध्यान और प्राकृतिक चिकित्सा के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के लिए 10 लाख रुपए तक के अनुदान का भी प्रावधान किया गया है।

2030 तक 5 नए योग हब का लक्ष्य:
राज्य सरकार का संकल्प है कि 2030 तक राज्य में पाँच नए योग हब की स्थापना की जाए। इसके अलावा, मार्च 2026 तक राज्य के सभी आयुष हेल्थ एवं वेलनेस सेंटरों में योग सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
रोजगार सृजन और पलायन रोकथाम पर फोकस:
मुख्यमंत्री धामी ने जोर देकर कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में रोजगार सृजन और पलायन की समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। स्थानीय अर्थव्यवस्था और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर काम चल रहा है।
उन्होंने बताया कि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के साधन बढ़ाने के लिए राज्य में ‘स्ट्रैटेजिक एडवाइजरी कमेटी’ का गठन किया गया है। यह कमेटी प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए नवाचार को बढ़ावा देगी। सरकार युवाओं को उनके कौशल के अनुरूप पहाड़ में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रयासरत है।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों की उपस्थिति ने बढ़ाया गौरव:
भराड़ीसैंण में इस अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में भारत में मैक्सिको, फिजी, नेपाल, सूरीनाम, मंगोलिया, लातविया, श्रीलंका और रूस के दूतावासों के उच्चायुक्त/राजदूत और अन्य वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित रहे। उनकी उपस्थिति ने इस आयोजन को वास्तव में वैश्विक पहचान दी।
कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत, विधायक अनिल नौटियाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय लोग भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम से पहले छात्रों और स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।



