Uttrakhand:चारधाम यात्रियों से विनम्रता से मिलेगी उत्तराखंड पुलिस -ADG डॉ• वी मुरगेशन
चार धाम यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा पुलिस की पूरी जिम्मेदारी

चार धाम यात्रा में आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालु हमारे मेहमान हैं.. देवभूमि में अतिथि देवो भव की परंपरा को बनाये रखना है ये कहना है उत्तराखंड के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर डॉक्टर वी मुरगेशन का
चार धाम यात्रा में आने वाले श्रद्धालुयों की सुरक्षा और सुविधा की पूरी जिम्मेदारी निष्ठा से निभाना है.. 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चार धाम यात्रा के प्रबंधन और उसकी तैयारी का जायजा लेने के लिए दो दिवसीय दौरे पर राज्य के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर डॉक्टर वी मुरगेशन ने पुलिस कर्मियों को बड़ी बारीकी से समझाया..
उत्तराखंड की देवभूमि में चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत इस बार पुलिस के एक नए और मानवीय चेहरे के साथ होगा। 19 अप्रैल से शुरू हो रही गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) डॉ. वी. मुरगेशन ने उत्तरकाशी का दौरा कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और स्पष्ट किया कि पुलिस का प्राथमिक लक्ष्य यात्रियों की सुरक्षा के साथ-साथ उनके प्रति सेवाभाव रखना है।
इस बार की यात्रा में व्यवस्थाओं को केवल नियम-कायदों तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि पुलिसकर्मियों को खास तौर पर श्रद्धालुओं के साथ अत्यंत विनम्रता और शिष्ट व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं। लंबी और थका देने वाली यात्रा के दौरान यात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने और ट्रैफिक प्रबंधन को सुचारू बनाने पर जोर दिया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि पुलिस का व्यवहार यात्रा के अनुभव को सुखद बनाने में बड़ी भूमिका निभाता है।
सुरक्षा के व्यापक इंतजामों के तहत पूरी यात्रा को 2 सुपरजोन, 12 जोन और 30 सेक्टरों में बांटा गया है। करीब 600 पुलिसकर्मियों के साथ-साथ एसडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पीएसी और एटीएस की टीमें भी तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। इसके अलावा, सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह यात्रियों के बीच भ्रम या डर पैदा न कर सके।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु सुरक्षित महसूस करें और उन्हें कम से कम समय में सभी जरूरी सुविधाएं मिल सकें। जिला प्रशासन और पुलिस के आपसी समन्वय से इस बार एक ऐसी कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसमें सुरक्षा की जिम्मेदारी और आतिथ्य का भाव, दोनों साथ-साथ नजर आएंगे।



