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मुख्यमंत्री धामी ने की कांवड़ मेला 2025 की तैयारियों की समीक्षा, ‘उत्तराखंड कांवड़ सेवा ऐप’ बनाने के निर्देश

हरिद्वार, 03 जुलाई 2025: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज मेला नियंत्रण भवन, हरिद्वार में उच्चाधिकारियों के साथ कांवड़ मेला-2025 की तैयारियों की गहन समीक्षा की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के सफल और सुगम संचालन के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया – “उत्तराखंड कांवड़ सेवा ऐप” विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि इस ऐप में कांवड़ियों से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

सुरक्षित और सुगम यात्रा के लिए ‘उत्तराखंड कांवड़ सेवा ऐप’

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह विशेष ऐप हर वर्ष आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान उपयोग किया जा सकेगा, जिससे यात्रा पहले से कहीं अधिक सुगम और सुरक्षित बन सकेगी। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस और अन्य संबंधित विभागों को कांवड़ यात्रा को सकुशल और सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए चाक-चौबंद व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

अंतर-राज्यीय समन्वय और कुंभ मेले का ‘ट्रायल’

मुख्यमंत्री धामी ने उन राज्यों से परस्पर समन्वय स्थापित करने का महत्व बताया, जहां से अधिकांश कांवड़िए आते हैं। उन्होंने रियल टाइम डाटा शेयरिंग और सुरक्षात्मक दृष्टिकोण से सभी आवश्यक इनपुट्स साझा करने पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने आगामी कांवड़ यात्रा को कुंभ मेले का ट्रायल बताते हुए कहा कि इस यात्रा से प्राप्त अनुभव भविष्य के कुंभ मेले की तैयारियों में भी सहायक सिद्ध होंगे।

यात्रा मार्ग पर अतिक्रमण हटाना, सुरक्षा और स्वच्छता प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कांवड़ यात्रा मार्गों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण न हो। उन्होंने यात्रा शुरू होने से पहले सभी प्रकार के अतिक्रमणों को हटाने के सख्त निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री ने यात्रा मार्ग पर स्थित ढाबों और होटलों में सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित कराने, फूड लाइसेंस और रेट लिस्ट चस्पा करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि होटलों के नाम और उनके स्वामियों के नाम भी अनिवार्य रूप से लिखे हों। ओवररेटिंग की शिकायत आने पर संबंधित होटल स्वामियों पर सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने इस दौरान शराब और मांस से संबंधित SOP (मानक संचालन प्रक्रिया) का भी सख्ती से पालन करने पर जोर दिया।

‘क्लीन और ग्रीन कांवड़ यात्रा’ का संदेश

मुख्यमंत्री धामी ने इस वर्ष ‘क्लीन और ग्रीन कांवड़ यात्रा’ का संदेश देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए, जिसके लिए संपूर्ण कांवड़ मार्गों पर हर घंटे सफाई अभियान चलता रहे। हरिद्वार, रुड़की, ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में हर 1-2 किलोमीटर पर मोबाइल टॉयलेट और कूड़ा निस्तारण के लिए विशेष गाड़ियों की तैनाती के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य सेवाएं और आपदा प्रबंधन

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने कांवड़ रूट पर हर 2 से 3 किलोमीटर के अंदर स्वास्थ्य केंद्र, एम्बुलेंस और मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही, आम जनता की सुविधा के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने को भी कहा। मुख्यमंत्री ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए स्थानीय निकायों के सहयोग से रैन बसेरों, टेंट सिटी और आश्रय स्थलों के निर्माण का भी निर्देश दिया।

आपदा प्रबंधन के संदर्भ में, मुख्यमंत्री ने सीसीटीवी और ड्रोन से नियमित निगरानी पर जोर दिया। उन्होंने कांवड़ रूट का जीआईएस मैपिंग आधारित ट्रैफिक प्लान तैयार करने और AI आधारित ट्रैफिक मॉनिटरिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए। प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए एसडीआरएफ (SDRF), एनडीआरएफ (NDRF) की तैनाती, बारिश और भूस्खलन की पूर्व चेतावनी प्रणाली को सक्रिय करने के साथ ही संवेदनशील घाटों पर एनाउंसमेंट सिस्टम को भी मजबूत करने को कहा।

बैठक में उपस्थित गणमान्य व्यक्ति

इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्यसभा सांसद कल्पना सैनी, विधायक मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, आदेश चौहान, ममता राकेश, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण चौधरी, मेयर किरण जेसल, मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन, डीजीपी श्री दीपम सेठ, प्रमुख सचिव श्री आर के सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव नितेश झा, पंकज पांडे, विनोद कुमार सुमन, विनय शंकर पांडे, जिलाधिकारी हरिद्वार मयूर दीक्षित, उपाध्यक्ष राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण विनय रूहेला, दर्जा राज्यमंत्री ओम प्रकाश जमदग्नि सहित कई अन्य अधिकारीगण और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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