Ganga Conservation Uttarakhand: मुख्य सचिव ने दिए STP निर्माण और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन में तेजी लाने के निर्देश

Ganga Conservation Uttarakhand देहरादून, उत्तराखंड | 1 अगस्त 2025 ,गंगा नदी के संरक्षण और कायाकल्प के प्रति प्रतिबद्धता दर्शाते हुए, उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आज सचिवालय में राज्य गंगा समिति की 18वीं महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस दौरान मुख्य सचिव ने गंगा से संबंधित सभी परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने पर विशेष बल दिया।
Ganga Conservation Uttarakhand गंगा के लिए ‘मिशन मोड’: सीवेज और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ‘लिक्विड वेस्ट मैनेजमेंट’ (तरल अपशिष्ट प्रबंधन) और ‘सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट’ (ठोस अपशिष्ट प्रबंधन) के कार्यों में लगी कार्यदाई संस्थाएं गंभीरता से काम करें। उन्होंने जिला गंगा समितियों की बैठकों को भी नियमित और समय पर आयोजित करने की अनिवार्यता पर जोर दिया।
मुख्य सचिव ने जल निगम द्वारा बनाए जा रहे ‘सीवेज मैनेजमेंट प्लांट्स’ (STP) के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि किसी भी नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण से पहले, गठित समिति की सिफारिशें अनिवार्य रूप से ली जाएं।
रुद्रप्रयाग और पौड़ी गढ़वाल में STP निर्माण में तेजी
बैठक में कोटद्वार (पौड़ी गढ़वाल) और रुद्रप्रयाग में गौरीकुंड-तिलवाड़ा STP के निर्माण में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की गई। मुख्य सचिव ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि भूमि हस्तांतरण सहित सभी लंबित कार्यों को एक महीने के भीतर पूरा करें ताकि निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके।
समग्र गंगा प्लान: गैप एनालिसिस और ऑनलाइन मॉनिटरिंग
मुख्य सचिव ने पूरे उत्तराखंड राज्य में सीवेज मैनेजमेंट का ‘गैप एनालिसिस’ (अंतराल विश्लेषण) करवाने के निर्देश भी दिए। इसके अतिरिक्त, गंगा की विभिन्न सहायक नदियों की ‘फ्लड प्लेन ज़ोनिंग’ (बाढ़ मैदान ज़ोनिंग) और ‘हाइड्रोलॉजिकल सर्वे’ (जल विज्ञान सर्वेक्षण) कार्यों में भी तेजी लाने को कहा गया है।
गंगा संरक्षण Ganga Conservation Uttarakhand परियोजनाओं की पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए मुख्य सचिव ने ‘मॉनिटरिंग सिस्टम’ को ऑनलाइन करने का निर्देश दिया। उन्होंने ‘बाय-प्रोडक्ट (Sludge)’ के लिए ‘स्लज मैनेजमेंट प्लान’ अनिवार्य रूप से तैयार करने पर जोर दिया। ‘लेगेसी वेस्ट’ (पुराने कचरे) की शेष बची 37 साइट्स को भी शीघ्रता से साफ करने के लिए कार्य योजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
इस महत्वपूर्ण बैठक में प्रमुख सचिव आर. के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, सीसीएफ पराग मधुकर धकाते, सदस्य सचिव यूपीसीबी एस. पी. सुबुद्धि, उपाध्यक्ष एमडीडीए एवं डीजी सूचना बंशीधर तिवारी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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