Haldwani Online ludo game suicide:बीएससी छात्रा ने 5 लाख गंवाने के बाद की आत्महत्या
ऑनलाइन गेमिंग के खतरे
Online ludo game suicide हल्द्वानी, उत्तराखंड | 2 अगस्त 2025: डिजिटल युग में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध विभिन्न ऑनलाइन गेम्स युवाओं को तेजी से अपनी चपेट में ले रहे हैं। “अधिक पैसा कमाने का लालच” अक्सर इन गेम्स का मुख्य आकर्षण होता है, जिसके कारण कई युवा अपनी जमा पूंजी भी गंवा रहे हैं। ऐसा ही एक दर्दनाक मामला हल्द्वानी से सामने आया है, जहाँ एक बीएससी की छात्रा ऑनलाइन लूडो गेम की लत का शिकार होकर अपनी जान गँवा बैठी। बताया जा रहा है कि छात्रा ने गेम में लाखों रुपये गंवाने के बाद आत्महत्या कर ली।
Online ludo game suicide -लूडो की लत और 5 लाख का नुकसान
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, हल्द्वानी कोतवाली क्षेत्र के बरेली रोड स्थित स्पेरो कॉलोनी की 21 वर्षीय छात्रा एमबीपीजी कॉलेज में बीएससी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। वह पिछले काफी समय से मोबाइल पर ‘ऑनलाइन लूडो गेम’ खेल रही थी। इस गेम के कारण उसने कथित तौर पर 4 से 5 लाख रुपये गँवा दिए, जिससे वह मानसिक रूप से बेहद आहत थी।
शुक्रवार दोपहर को जब छात्रा की माँ और भाई बाजार गए हुए थे, तो उसने अपने कमरे में खुदकुशी कर ली। वापस लौटने पर परिजनों ने कमरे में छात्रा का शव देखा तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।
सुसाइड नोट में दर्दनाक खुलासा: ‘अब और नहीं जी सकती’
परिवार वालों ने तत्काल कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने छात्रा का शव बरामद कर सुशीला तिवारी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को छात्रा के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसे छात्रा ने अपने पिता के नाम लिखा था।
सुसाइड नोट में छात्रा ने अपनी मौत का कारण ‘ऑनलाइन लूडो गेम’ बताया है। उसने लिखा है कि वह लूडो में 4-5 लाख रुपये हार चुकी है, और इस नुकसान के बाद वह ‘अब और नहीं जी सकती’ है। Online ludo game suicide पुलिस के अनुसार, छात्रा ने लिखा है कि शुरुआत में उसे गेम में मुनाफा हुआ था, लेकिन बाद में उसने अपने माता-पिता के पैसे भी डुबो दिए। छात्रा के पिता जेल पुलिस अल्मोड़ा में तैनात हैं।
पुलिस जांच जारी
हल्द्वानी कोतवाली प्रभारी राजेश यादव ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। यह घटना ‘ऑनलाइन गेमिंग के खतरे’ और ‘युवाओं पर इसके नकारात्मक प्रभाव’ को एक बार फिर उजागर करती है।



