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उत्तराखंड में भारी बारिश ‘रेड अलर्ट’: 4 अगस्त को नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर में स्कूल बंद

कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है

भारी बारिश ‘रेड अलर्ट’ हल्द्वानी, उत्तराखंड ,उत्तराखंड में मानसून का कहर जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 अगस्त, सोमवार को जनपद नैनीताल सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में ‘भारी से अत्यंत भारी वर्षा’ की संभावना जताई है। इस गंभीर चेतावनी को देखते हुए, कुमाऊं मंडल के तीन जिलों – नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर – में सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश जारी किया गया है।

भारी बारिश ‘रेड अलर्ट’ नैनीताल में सभी शिक्षण संस्थान बंद

जिलाधिकारी नैनीताल, वंदना सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि संभावित भारी बारिश ‘रेड अलर्ट’ आपदा जोखिमों जैसे भूस्खलन, सड़क अवरोध, जलभराव और नदी-नालों में तेज बहाव को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसी के मद्देनजर, जनपद नैनीताल में संचालित सभी शासकीय, अशासकीय एवं निजी विद्यालय (कक्षा 1 से 12 तक) और समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों में 4 अगस्त (सोमवार) को एक दिवसीय अवकाश रहेगा। उन्होंने संबंधित शैक्षणिक और प्रशासनिक अधिकारियों को आवश्यकतानुसार अपने कार्यालयों में उपस्थित रहने और आपदा की स्थिति में समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। किसी भी आपदा की घटना होने पर आपदा नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 05942-231178 एवं 231179 अथवा टॉल फ्री नंबर 1077 पर सूचित करने की अपील की गई है।

गौला नदी उफान पर: मैदानी इलाकों में भी बढ़ रहा खतरा

पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही भीषण बारिश का असर अब मैदानी इलाकों में भी साफ नजर आने लगा है। हल्द्वानी स्थित काठगोदाम में गौला बैराज का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है और अब इसका डिस्चार्ज 10 हजार क्यूसेक से अधिक पहुंच गया है। इसके चलते गौला नदी ने रौद्र रूप धारण कर लिया है, जिससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल बन गया है।

एसडीएम राहुल शाह ने बताया कि फिलहाल बैराज का डिस्चार्ज नियंत्रण में है और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शहरी और ग्रामीण इलाकों में राजस्व विभाग के पटवारी, पुलिस बल और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।

नदी किनारे रहने वाले रहें सावधान: 5 अगस्त तक जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार, उत्तराखंड में बारिश का यह दौर 5 अगस्त तक जारी रहने की संभावना है। पहाड़ों पर भारी बारिश के कारण मैदानी क्षेत्रों में नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका है, जिसके चलते नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति भी बन सकती है। प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने का आग्रह किया है।Photo AI

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