Main Slideन्यूज़ निबंध

महंगाई का डबल अटैक: राहुल गांधी ने गिरते रुपये और फ्यूल की कीमतों पर केंद्र को घेरा; आम आदमी की जेब पर सीधा असर!

नई दिल्ली: देश में एक बार फिर महंगाई की आहट तेज़ हो गई है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता Rahul Gandhi ने भारतीय रुपये के गिरते मूल्य और इंडस्ट्रियल फ्यूल (Industrial Fuel) की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यह स्थिति केवल आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि आने वाली भयंकर महंगाई का स्पष्ट संकेत है।

राहुल गांधी का महंगाई पर हमला

“आपकी थाली में क्या बचा है?” – राहुल गांधी का सीधा सवाल

राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का 93.53 के रिकॉर्ड निचले स्तर (All-time low) पर पहुँचना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में उछाल सीधे तौर पर आम आदमी को प्रभावित करेगा।

उन्होंने सरकार के “सब सामान्य है” वाले रुख को खारिज करते हुए चार मुख्य खतरे गिनाए:

  1. महंगा उत्पादन और ट्रांसपोर्ट: ईंधन महंगा होने से माल ढुलाई और उत्पादन लागत बढ़ेगी।
  2. MSMEs पर संकट: छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए लागत निकालना मुश्किल होगा।
  3. रोजमर्रा की चीजें महंगी: थाली का राशन और अन्य जरूरी सामान के दाम बढ़ेंगे।
  4. शेयर बाजार पर दबाव: विदेशी निवेशक (FII) तेजी से पैसा निकाल रहे हैं, जिससे बाजार अस्थिर होगा।

प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल के दामों में भारी उछाल

तेल कंपनियों ने आम जनता और उद्योगों को दोहरी मार दी है। 20 मार्च 2026 से लागू नई दरों के अनुसार:

  • प्रीमियम पेट्रोल: स्पीड (Speed) और पावर (Power) जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतों में ₹2.09 से ₹2.35 प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी की गई है। भोपाल जैसे शहरों में इसकी कीमत ₹117 के पार पहुँच गई है।
  • इंडस्ट्रियल डीजल (Bulk Diesel): इंडियन ऑयल (IOCL) ने इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में 25% का भारी इजाफा किया है। अब इसकी कीमत ₹87.67 से बढ़कर ₹109.59 प्रति लीटर हो गई है।

किन पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

इंडस्ट्रियल फ्यूल की इन ऊंची कीमतों का सीधा असर उन क्षेत्रों पर पड़ेगा जो बल्क में डीजल खरीदते हैं:

  • रेलवे और रोडवेज बसें: संचालन महंगा होगा, जिसका बोझ यात्रियों पर पड़ सकता है।
  • बड़ी फैक्ट्रियां और प्लांट: उत्पादन लागत बढ़ने से अंतिम उत्पाद महंगा होगा।
  • अस्पताल और मॉल्स: जनरेटर चलाने और अन्य ऊर्जा जरूरतों के लिए खर्च बढ़ेगा।

वैश्विक संकट और रुपये का अवमूल्यन

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध की आशंका ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों को $100 के पार पहुँचा दिया है। राहुल गांधी ने चेतावनी दी है कि विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल, डीजल और LPG की कीमतों में और भी उछाल आ सकता है।

READ ALSO – बीमारी को दी मात! सलीम खान की सार्वजनिक वापसी ने जीता प्रशंसकों का दिल; बेटों के साथ ईद पर दिखे ‘गैलेक्सी’ के सुल्तान

Related Articles

Back to top button