देहरादून पुलिस की बड़ी कामयाबी: राजपुर मर्डर केस का मास्टरमाइंड अमित भटेजा कोर्ट के बाहर से गिरफ्तार, 50 हजार का था इनामी

देहरादून,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने करीब एक साल पुराने चर्चित राजपुर हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मुख्य साजिशकर्ता (मास्टरमाइंड) अमित भटेजा को जिला न्यायालय के बाहर से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अमित भटेजा पर पुलिस ने 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया था। इस मामले में मुजफ्फरनगर के शातिर शार्प-शूटर राजन उर्फ जैकी और उसकी महिला साथी हुमेरा उर्फ जोया को पुलिस पहले ही सलाखों के पीछे भेज चुकी है।
क्या था पूरा मामला?
घटना 26 मई 2025 की है, जब जतिन कुमार ने थाना राजपुर में तहरीर देकर शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके ममेरे भाई अजय भटेजा की जाखन स्थित कृष्णा विहार आवास में निर्मम हत्या कर दी गई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने तुरंत एक विशेष टीम का गठन किया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और मुखबिरों तंत्र की मदद से जांच की कड़ियों को जोड़ना शुरू किया।
शार्प-शूटर्स की गिरफ्तारी से खुला राज
इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में पुलिस को पहली बड़ी सफलता 19 मई 2026 को मिली, जब मुजफ्फरनगर से शूटर राजन उर्फ जैकी को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में राजन ने कबूल किया कि उसने अपनी साथी हुमेरा उर्फ जोया के साथ मिलकर 25 मई 2025 की रात अजय भटेजा की तकिये से मुंह दबाकर हत्या की थी। इस खुलासे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हुमेरा को भी 23 मई 2026 को सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया।
करोड़ों की संपत्ति के लिए रची गई थी साजिश
गिरफ्तार मास्टरमाइंड अमित भटेजा (उम्र 38 वर्ष, निवासी शारदा नगर, सहारनपुर) ने पुलिस पूछताछ में बताया कि इस पूरी हत्या के पीछे करोड़ों की संपत्ति का विवाद था। मृतक अजय शराब पीने का आदी था और देहरादून व मसूरी के कई प्राइम लोकेशनों पर उसकी बेशकीमती संपत्तियां थीं, जिनमें अमित के पिता का भी पैसा लगा हुआ था। अजय द्वारा हिस्सेदारी देने से बार-बार मना करने पर अमित ने बदला लेने और संपत्ति हड़पने की नीयत से राजन और हुमेरा को भारी रकम व संपत्ति में हिस्सा देने का लालच देकर सुपारी दी। हत्या को अंजाम देने के बाद अमित ने मृतक के घर से जमीन और जायदाद के सारे असली कागजात भी गायब कर दिए थे।
आगे की विधिक कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद किए गए बैग और जमीनी दस्तावेजों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। साथ ही अमित के बैंक खातों, मोबाइल कॉल डिटेल्स (CDR) और वित्तीय लेन-देन की गहनता से पड़ताल की जा रही है। राजपुर थानाध्यक्ष पी. डी. भट्ट, वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रवेश रावत और कांस्टेबल अमित कुमार की टीम इस मामले में शामिल अन्य मददगारों की तलाश में जुटी है।



