Dehradun News सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा, जन-समस्याओं के त्वरित समाधान का बना सशक्त माध्यम, नौ जुलाई तक बांटे गए लाभ

Dehradun News: देहरादून,मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार”- ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ प्रदेश में सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जन-समस्याओं के त्वरित समाधान का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस विशेष आयोजन के तहत नौ जुलाई दो हजार छब्बीस तक आयोजित कार्यक्रमों की प्रगति से यह साफ स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार जन-कल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारने एवं वास्तविक परिणाम देने में पूरी तरह सफल रही है।
प्रदेश के सभी जनपदों में चार से नौ जुलाई दो हजार छब्बीस तक कुल तिहत्तर जनसेवा शिविरों का भव्य आयोजन किया गया, जिनमें चौंसठ हजार एक सौ बानवे से अधिक स्थानीय नागरिकों ने प्रत्यक्ष रूप से अपनी सहभागिता दर्ज की। इन शिविरों में विभिन्न जन-कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत कुल इक्कीस हजार नौ सौ आठ नागरिकों को मौके पर ही प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया। इस समयावधि के दौरान कुल पांच हजार पांच सौ सड़सठ शिकायतें एवं प्रार्थना-पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से चार हजार नौ सौ एक मामलों का मौके पर ही त्वरित निस्तारण कर दिया गया।
शेष बचे हुए मामलों को भी एक समयबद्ध कार्य-योजना के तहत संबंधित विभागों को प्रेषित कर निरंतर निगरानी में रखा गया है, ताकि भविष्य में कोई भी शिकायत लंबित न रहे। इन शिविरों में आय, जाति, निवास, सामाजिक श्रेणी एवं अन्य आवश्यक प्रमाण-पत्रों से संबंधित कुल दो हजार पांच सौ बाइस नए आवेदन भी प्राप्त हुए।
इन आयोजनों की अभूतपूर्व सफलता के संबंध में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा यह पहले ही सुनिश्चित किया गया है कि अधिकारी जनता को कार्यालयों में बुलाने के बजाय स्वयं फील्ड में जाकर उनकी समस्याओं का निस्तारण करें। उन्होंने प्रत्येक कैंप में निर्णय लेने में सक्षम उच्च अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य की है तथा यह सख्त निर्देश दिए हैं कि शिकायतों का प्राथमिक स्तर पर ही निस्तारण किया जाए। इस अनूठी पहल से प्रशासनिक तंत्र को और अधिक संवेदनशील बनाने में बड़ी मदद मिल रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि ‘‘सेवा सुशासन और समर्पण पखवाड़ा’’ राज्य में शासन की सोच को बदलने वाला एक बड़ा अभियान है। ऐसे महत्वपूर्ण आयोजनों के माध्यम से शासन व प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है। राज्य सरकार और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित होने से समस्याओं के त्वरित समाधान की एक नई संस्कृति विकसित हुई है।



