उत्तराखंड कैबिनेट बैठक निर्णय 2026: धामी सरकार के प्रमुख फैसले

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जन-कल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, श्रमिक अधिकार, शिक्षा, खेल, पेयजल और औद्योगिक विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कैबिनेट द्वारा लिए गए इन निर्णयों की विस्तृत जानकारी दी।
उच्च न्यायालय परिसर के लिए भूमि हस्तांतरण
कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में स्थित 73 हेक्टेयर वन भूमि में से लगभग 30 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण हेतु हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। इस कदम से न्यायिक आधारभूत संरचना को मजबूती मिलेगी।
गौ पालन योजना का विस्तार और सब्सिडी
राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी इससे जोड़ने का फैसला लिया गया है। अब लाभार्थी गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकते हैं। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 60 प्रतिशत सब्सिडी मिलेगी। इससे प्रथम वर्ष में लगभग 2128 पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने से पलायन रोकने में मदद मिलेगी।
उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली 2026
मजदूरी संहिता 2019 के अंतर्गत उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली 2026 लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसमें श्रमिकों के हित में कई मुख्य प्रावधान शामिल हैं, जैसे न्यूनतम मजदूरी की गारंटी, ओवर टाइम पर दोगुना भुगतान, हर माह की 7 तारीख तक वेतन का भुगतान, डिजिटल पेमेंट और समान कार्य के लिए महिलाओं तथा पुरुषों को समान वेतन।
समाज कल्याण छात्रावासों के लिए नई नियमावली
समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों के लिए संचालन नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई है। इससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवास, भोजन और सर्वांगीण विकास की सुविधाएं सुनिश्चित होंगी।
ईको टूरिज्म समिति का पुनर्गठन
ईको टूरिज्म को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति की संरचना में संशोधन किया गया है। समिति में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करके पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कचरा नियंत्रण और स्थानीय समुदायों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा।
जीएसटी अधिनियम में संशोधन का अध्यादेश
केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के अनुसार उत्तराखंड माल एवं सेवा कर अधिनियम 2017 में संशोधन हेतु अध्यादेश लाने का फैसला किया गया है, ताकि राज्य की कर व्यवस्था राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप बनी रहे।
राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय में नए पदों की स्वीकृति
उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार (हल्द्वानी) के संचालन के लिए 122 नियमित पदों के साथ आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक तकनीकी और सहायक पदों को मंजूरी दी गई है। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं और विश्वस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा।
बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के लिए निर्णय
दिनेशपुर और शक्ति फार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हित में सहायता कोष संचालन समिति के उपाध्यक्ष एवं सदस्य पदों पर उसी समुदाय के प्रतिनिधियों के नामांकन का निर्णय लिया गया है।
सहकारी समिति नियमावली में सुधार
सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली 2004 में संशोधन कर कुष्ठ रोग से संबंधित भेदभावपूर्ण प्रावधानों को हटा दिया गया है। इनकी जगह मानसिक अक्षमता संबंधी न्यायालय द्वारा घोषित प्रावधान जोड़े जाएंगे।
ग्रामीण पेयजल योजनाओं के लिए नया प्रोटोकॉल
ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग और ग्राम पंचायतों तथा ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरण के लिए भारत सरकार के निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू करने की सहमति दी गई है।
वन विकास निगम भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता
उत्तराखंड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली 2026 लागू करते हुए स्केलर पदों के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया है। इससे भर्ती प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता आएगी और चयन प्रक्रिया आयोग के मानकों के अनुरूप होगी।
गंगा एक्सप्रेस-वे का हरिद्वार तक विस्तार
उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेस-वे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर करने का निर्णय लिया गया है। इस विस्तार से धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार को नया आयाम मिलेगा।
उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली 2026
कैबिनेट ने औद्योगिक संबंध संहिता 2020 के तहत उत्तराखंड औद्योगिक संबंध नियमावली 2026 को लागू करने की स्वीकृति दी है। इसमें औद्योगिक विवादों का समयबद्ध निस्तारण, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों का गठन, हड़ताल एवं तालाबंदी की स्पष्ट प्रक्रिया और श्रमिक री-स्किलिंग फंड जैसे प्रावधान शामिल हैं।



