एम्स ऋषिकेश का छठा दीक्षांत समारोह: उपराष्ट्रपति ने युवा डॉक्टरों को दिया सेवा का मंत्र

ऋषिकेश। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश का छठा दीक्षांत समारोह गरिमापूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने युवा चिकित्सकों को उपाधियाँ प्रदान कीं और उन्हें समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का बोध कराया।
शिक्षा का समापन नहीं, सेवा का आरंभ
स्नातकों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल वर्षों की मेहनत का परिणाम नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र के प्रति एक बड़े कर्तव्य की शुरुआत है। उन्होंने कहा, “चिकित्सा क्षेत्र में नवाचार और प्रतिबद्धता अनिवार्य है। भारत का टीकाकरण अभियान, जिसके तहत 14 करोड़ से अधिक नागरिकों को मुफ्त टीके लगाए गए, हमारी वैश्विक स्वास्थ्य शक्ति का प्रमाण है।”
उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं में एम्स का ‘संजीवनी’ अवतार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित यह संस्थान आज प्रदेश के लिए जीवन रक्षक बन चुका है।
संस्थान की प्रमुख उपलब्धियाँ:
- अत्याधुनिक सुविधाएँ: कैंसर उपचार, न्यूरोसर्जरी, रोबोटिक सर्जरी और जॉइंट रिप्लेसमेंट जैसी सुविधाएँ अब स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हैं।
- हेली एम्बुलेंस: दुर्गम क्षेत्रों के लिए हेली एम्बुलेंस सेवा वरदान साबित हो रही है।
- विस्तार: ऊधमसिंह नगर में एम्स के सैटेलाइट सेंटर का कार्य प्रगति पर है, जिससे कुमाऊं क्षेत्र को सीधा लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की प्राथमिकताएं
मुख्यमंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए बताया कि प्रत्येक जनपद में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, टेलीमेडिसिन नेटवर्क का विस्तार और जन औषधि केंद्रों के माध्यम से सस्ती दवाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
मानव सेवा ही सर्वोपरि लक्ष्य
विशिष्ट अतिथि केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि चिकित्सा पेशा केवल एक करियर नहीं है, बल्कि यह मानव सेवा का सर्वोच्च माध्यम है। वहीं, राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने उपराष्ट्रपति का देवभूमि में स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि युवा चिकित्सक राष्ट्र निर्माण में नई ऊर्जा के साथ योगदान देंगे।
गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति: इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, सांसद नरेश बंसल, महेंद्र भट्ट, एम्स अध्यक्ष प्रो. राज बहादुर, कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह सहित संकाय सदस्य और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



