Asrani Death News: मुस्कुराहट की रोशनी देने वाला दिया दिवाली के दिन बुझ गया, दिग्गज अभिनेता असरानी का निधन, प्रोड्यूसर ने किया बड़ा खुलासा
निभाने वाले थे रतन टाटा से प्रेरित रोल
Chandra Manish@mbi
Asrani Death :मुस्कुराहट की रोशनी देने वाला दिया दिवाली के दिन बुझ गया .. बॉलीवुड के दिग्गज और अपने दमदार अभिनय से हर पीढ़ी को हंसाने वाले मशहूर अभिनेता गोवर्धन असरानी अब हमारे बीच नहीं रहे।
जिंदगी के शो की आखिरी एग्जिट इस तरह से करी..कि एक पिन ड्रॉप साइलेंस सीन क्रिएट कर गए… इसकी व्याख्या क्या हो सकती है कैसे हो सकती है …हर कोई अपने अंदाज़ से असरानी जी को ? (QUESTION MARK) की तरह समझेगा.. मगर दिलों में मुस्कुराता हुआ पाएगा . रोशनी की जगमगाहट और शोर के बीच इतनी साइलेंस एग्जिट… कि… बाद में पता चला..Asrani is no more …..
84 साल की उम्र में, उन्होंने 20 अक्टूबर 2025 को दिवाली के पावन दिन दुनिया को अलविदा कह दिया। पांच दशकों से अधिक समय तक सिनेमा जगत में सक्रिय रहे असरानी, आखिरी वक्त तक काम कर रहे थे।
Asrani Death ..तो सबको हंसाने वाला दुनिया का ये सितारा इस जहां से कूच कर गया…
सूत्र बताते हैं की आखिरी सांस लेने से पहले गोवर्धन असरानी जी ने अपनी पत्नी से कहा था कि उनकी अंतिम यात्रा बेहद सादगी के साथ चुपचाप बगैर किसी को बताएं शांति से निकल जाए कि लोगों को पता ना चले… और हुआ भी ऐसा ही.. दिवाली की शाम जब दीप जगमगाने वाले थे … तो सबको हंसाने वाला दुनिया का ये सितारा इस जहां से कूच कर गया…
उनकी अचानक मौत से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। इस बीच, जाने-माने प्रोड्यूसर केसी बोकाडिया ने एक बड़ा खुलासा किया है।
आखिरी वक्त तक काम के लिए थे उत्साहित
असरानी अपनी शानदार कॉमेडी टाइमिंग के लिए हमेशा याद किए जाएंगे। फिल्म ‘शोले’ में उनका निभाया गया ‘अंग्रेजों के जमाने के जेलर’ का किरदार उनकी एक अमिट पहचान बन गया। परदे पर अपने हर किरदार को हिट कराने वाले असरानी 84 साल की उम्र में भी अभिनय की दुनिया में सक्रिय थे।
प्रोड्यूसर केसी बोकाडिया ने अभिनेता के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए बताया कि असरानी उनके नए टीवी सीरियल ‘संस्कार’ की शूटिंग शुरू करने वाले थे।
‘संस्कार’ में निभाने वाले थे रतन टाटा से प्रेरित रोल
केसी बोकाडिया ने अपने वीडियो संदेश में बताया कि असरानी साब 9 नवंबर से उनके सीरियल ‘संस्कार’ की शूटिंग शुरू करने वाले थे। इस सीरियल में उनका एक मेजर रोल था, जो कथित तौर पर देश के दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा से प्रेरित था।
बोकाडिया ने भावुक होते हुए कहा, “असरानी साब का सुनकर बहुत तकलीफ हुई। हमने अनगिनत पिक्चरें उनके साथ की… अभी एक सीरियल हम लोगों का शुरू होने जा रहा है ‘संस्कार’, उसमें असरानी साब का मेजर रोल था। 9 तारीख को उनको शूटिंग शुरू करनी थी।”
तबीयत खराब होने पर भी काम का जज्बा
प्रोड्यूसर ने बताया कि जब असरानी को अस्पताल में भर्ती कराया गया, तो उन्होंने शूटिंग कैंसिल कर दी और किसी और को न लेने का फैसला किया। जब यह बात असरानी को बताई गई, तो उन्होंने कहा, “बोकाडिया जी को बोलना कि मैं जल्दी ठीक होने वाला हूं, सबसे पहले ही आते ही आपकी शूटिंग शुरू करूंगा।”
असरानी के इस जज्बे को याद करते हुए बोकाडिया ने कहा कि वह एक बेहतरीन इंसान और शानदार एक्टर थे। उन्होंने यह भी कहा कि असरानी को कोई रिप्लेस नहीं कर सकता, क्योंकि उन्हें बस काम से मतलब होता था और वह कभी रोल के बारे में नहीं पूछते थे।
दिग्गज अभिनेता का निधन भारतीय सिनेमा के एक युग का अंत है, जिनकी हंसी और अभिनय हमेशा दर्शकों के दिलों में ज़िंदा रहेगा।
पुणे के प्रतिष्ठित फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से एक्टिंग की ट्रेनिंग लेने के बावजूद, हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उन्हें शुरुआती दौर में कठिन संघर्ष झेलना पड़ा था। एक पुराने इंटरव्यू में अभिनेता ने खुलासा किया था कि कैसे एक वक्त पर पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मदद ने उनकी किस्मत बदल दी थी।
मुंबई में नहीं मिला काम, परिवार ने कहा ‘दुकान संभालो’
‘बॉलीवुड ठिकाना’ को दिए एक पुराने इंटरव्यू में असरानी ने बताया था कि डिग्री होने के बावजूद उन्हें काम नहीं मिल रहा था। उन्होंने कहा, “मैं जब मुंबई आया तो सबसे पहले संगीतकार नौशाद साहब को ढूंढता रहा कि शायद वो मुझे किसी फिल्म में ब्रेक दिला दें। लेकिन कुछ नहीं हुआ।”
मुंबई में काम न मिलने से निराश होकर असरानी हार मानकर वापस जयपुर लौट गए थे। उन्होंने बताया, “थक-हार कर मैं वापस जयपुर चला गया, जहां परिवार ने मुझसे कहा कि अब कालीन की दुकान संभालो।”
पूर्व PM इंदिरा गांधी ने ऐसे बदली किस्मत
संघर्ष के दिनों को याद करते हुए असरानी ने बताया कि उनकी किस्मत तब पलटी जब तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री इंदिरा गांधी पुणे आईं।
असरानी ने खुलासा किया, “हमने उनसे शिकायत की कि हमारे पास डिग्री है फिर भी कोई काम नहीं दे रहा। उन्होंने हमारी बात गंभीरता से ली और मुंबई आकर निर्माताओं से कहा कि FTII के छात्रों को मौका दें।“
‘गुड्डी’ से मिली पहचान
इंदिरा गांधी के हस्तक्षेप के बाद ही इंडस्ट्री का रुख FTII पास-आउट छात्रों के प्रति बदला। इसके कुछ समय बाद ही असरानी को ‘गुड्डी’ (Guddii) फिल्म में ब्रेक मिला। इस फिल्म में जया भादुरी (Jaya Bhaduri) भी थीं।
यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई और इसके बाद ही हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने FTII के टैलेंट को गंभीरता से लेना शुरू किया। इस तरह, इंदिरा गांधी की मदद असरानी के करियर में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट बनी और फिर अभिनेता ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। ……
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