बाबा रामदेव की पतंजलि का घी सैंपल जांच में फेल, ₹1.40 लाख का जुर्माना
पिथौरागढ़ में खाद्य संरक्षा विभाग की कार्रवाई; पतंजलि गाय का घी मानकों पर नहीं उतरा खरा, हो सकते हैं साइड इफेक्ट

पतंजलि का घी : पिथौरागढ़, उत्तराखंड बाबा रामदेव की प्रसिद्ध कंपनी पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को पिथौरागढ़ में घी सैंपल के मानकों पर खरा न उतरने के कारण बड़ा झटका लगा है। खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन पिथौरागढ़ ने कंपनी और इससे जुड़े तीन कारोबारियों पर कुल ₹1,40,000 (एक लाख चालीस हजार रुपये) का भारी जुर्माना लगाया है। यह फैसला गुरुवार, 27 नवंबर 2025 को सुनाया गया।
पतंजलि का घी सैंपल फेल- क्या है पूरा मामला?
असिस्टेंट कमिश्नर आरके शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि यह मामला साल 2020 का है।
- 20 अक्टूबर 2020: खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन ने रूटीन चेकिंग के दौरान पिथौरागढ़ के कासनी स्थित करन जनरल स्टोर से पतंजलि गाय के घी का नमूना लिया था।
- राज्य लैब की रिपोर्ट: नमूने को पहले राजकीय प्रयोगशाला रुद्रपुर भेजा गया, जहाँ यह घी खाद्य मानकों से नीचे पाया गया।
- सेंट्रल लैब में दोबारा जांच: पतंजलि कंपनी की अपील पर नमूने की जांच राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला गाजियाबाद में 16 अक्टूबर 2021 को दोबारा कराई गई।
- 26 नवंबर 2021: गाजियाबाद लैब ने भी अपनी रिपोर्ट में पुष्टि की कि पतंजलि घी का नमूना खाद्य सुरक्षा मानकों पर खरा नहीं उतरा है।
- न्यायालय का फैसला: लंबी कानूनी प्रक्रिया और सबूतों की जांच के बाद, न्याय निर्णायक अधिकारी/अपर जिलाधिकारी पिथौरागढ़ योगेंद्र सिंह के न्यायालय ने 1,348 दिन बाद 27 नवंबर 2025 को अपना फैसला सुनाया।
किस पर कितना जुर्माना?
न्यायालय ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर निम्नलिखित पर जुर्माना लगाया:
| दोषी का नाम | भूमिका | जुर्माने की राशि |
| पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड | निर्माता कंपनी | ₹1,00,000 |
| ब्रह्म एजेंसी | डिस्ट्रीब्यूटर | ₹25,000 |
| करन जनरल स्टोर | विक्रेता | ₹15,000 |
| कुल जुर्माना | ₹1,40,000 |
असिस्टेंट कमिश्नर आरके शर्मा ने चेतावनी दी कि मानकों से नीचे का घी स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है और इसके सेवन से साइड इफेक्ट्स या बीमारी हो सकती है। कोर्ट ने सभी पक्षों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है।



