चीन को तगड़ा झटका:भारत बनेगा iPhone का हब,अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर आईफोन होंगे ‘मेड इन इंडिया’
iPhone मुख्य बातें:
- भारत में iPhone उत्पादन: एप्पल के सीईओ टिम कुक ने घोषणा की है कि अगली तिमाही से अमेरिका में बिकने वाले अधिकांश आईफोन अब भारत में ही बनेंगे और यहीं से एक्सपोर्ट किए जाएंगे।
- ‘मेड इन इंडिया’ का दबदबा: अमेरिका के साथ-साथ यूरोपीय देशों में भी भारत में बने आईफोन का निर्यात शुरू हो गया है। हालांकि, वैश्विक बाजार के लिए ज्यादातर आईफोन का निर्माण अभी भी चीन में ही होगा।
- आयात से निर्यात शक्ति: केंद्रीय संचार राज्य मंत्री चंद्र शेखर पेम्मासानी ने इस अवसर पर कहा कि 2014 में एक बड़ा मोबाइल आयातक होने से लेकर आज एक प्रमुख मोबाइल फोन निर्यातक बनना भारत के लिए गर्व का क्षण है।
- उत्पादन और निर्यात के आंकड़े: 2014 में भारत ने केवल 60 लाख मोबाइल फोन का उत्पादन किया था, जबकि 21 करोड़ यूनिट आयात किए गए थे। वहीं, 2024 में यह तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। भारत ने इस साल 33 करोड़ यूनिट का उत्पादन किया है, जिसमें से 5 करोड़ यूनिट विदेशों में एक्सपोर्ट किए गए हैं।
- ‘मेक इन इंडिया’ की सफलता: यह उपलब्धि प्रधानमंत्री मोदी के महत्वाकांक्षी ‘मेक इन इंडिया’ पहल के कारण ही संभव हो पाई है।
विस्तार से:
एप्पल (Apple) अब भारत को अपने महत्वपूर्ण उत्पादन केंद्रों में से एक के रूप में स्थापित कर रहा है। कंपनी के सीईओ टिम कुक ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए बताया कि आने वाले महीनों में अमेरिका में बेचे जाने वाले ज्यादातर आईफोन का निर्माण भारत में होगा। यह न केवल भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का प्रमाण है।
कभी मोबाइल फोन के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहने वाला भारत आज इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। केंद्रीय मंत्री ने इस बदलाव को रेखांकित करते हुए कहा कि 2014 में जहां भारत मुख्य रूप से मोबाइल फोन का आयात करता था, वहीं आज वह एक अग्रणी निर्यातक बन गया है। यह परिवर्तन ‘मेक इन इंडिया’ अभियान की सफलता की कहानी कहता है, जिसने देश में उत्पादन को बढ़ावा दिया है।
आंकड़ों पर गौर करें तो 2014 में भारत में मोबाइल फोन का उत्पादन महज 60 लाख यूनिट था, जबकि आयात का आंकड़ा 21 करोड़ यूनिट को छू गया था। लेकिन, बीते दस वर्षों में स्थिति पूरी तरह पलट गई है। 2024 में भारत ने 33 करोड़ मोबाइल फोन का उत्पादन किया है और इनमें से 5 करोड़ यूनिट विभिन्न देशों को भेजे गए हैं। यह दर्शाता है कि भारत न केवल अपनी घरेलू मांग को पूरा करने में सक्षम है, बल्कि वैश्विक बाजार में भी एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभर रहा है।
इसके अतिरिक्त, भारत में 5G नेटवर्क का विस्तार भी तेजी से हो रहा है। भारत टेलीकॉम 2025 इवेंट में केंद्रीय संचार मंत्री ने बताया कि देश के 99% गांवों तक 5G की पहुंच हो चुकी है। यह एक बड़ी क्रांति है कि देश की 82% आबादी अब सुपरफास्ट मोबाइल इंटरनेट से जुड़ चुकी है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए देश भर में 4.7 लाख मोबाइल टावर लगाए गए हैं। सरकार डिजिटल हाईवे का निर्माण कर रही है, जिससे देश के 140 करोड़ लोगों को तेज और सुगम कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
निष्कर्ष:
भारत का iPhone के उत्पादन और निर्यात का केंद्र बनना निश्चित रूप से एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ‘मेक इन इंडिया’ जैसे सरकारी प्रयासों और तकनीकी प्रगति के साथ, भारत वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग मानचित्र पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। मोबाइल फोन उत्पादन और 5G कनेक्टिविटी में यह प्रगति देश के आर्थिक विकास और डिजिटल भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
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