Chardham Yatra 2026: लंदन से केदारनाथ पहुँचे श्रद्धालु, बोले- “बुजुर्गों के लिए उत्तराखंड सरकार की व्यवस्थाएं लाजवाब”
इस बार की यात्रा न केवल देश, बल्कि विदेशी मेहमानों और एनआरआई (NRI) श्रद्धालुओं के लिए भी खास बनी
Chardham Yatra 2026: देहरादून/रुद्रप्रयाग उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा 2026 अपने आलौकिक स्वरूप में दिखाई पड़ रही है । केदारनाथ धाम और बद्री विशाल के कपाट खुलते ही हिमालय की चोटियों पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। इस बार की यात्रा न केवल देश, बल्कि विदेशी मेहमानों और एनआरआई (NRI) श्रद्धालुओं के लिए भी खास बनी हुई है। लंदन से बाबा केदार के दर्शन करने पहुँचे तीर्थयात्रियों ने धाम की व्यवस्थाओं और स्वच्छता को देखकर उत्तराखंड सरकार का विशेष आभार जताया है।(mbi MANISH CHANDRA)

Chardham Yatra 2026 लंदन से केदारनगरी तक: सात समंदर पार से खिंचे चले आ रहे भक्त
प्रकृति की अनुपम छटा के बीच बाबा केदार की नगरी इन दिनों अलौकिक आभा बिखेर रही है। लंदन से आए एक श्रद्धालु ने अनुभव साझा करते हुए कहा— “हमने सुना था कि पहाड़ों पर यात्रा कठिन होती है, लेकिन यहाँ पहुँचकर दृश्य ही कुछ और है। पुलिसकर्मियों का सहयोग और प्रशासन द्वारा दी गई सुविधाएँ अंतरराष्ट्रीय स्तर की हैं।”

बुजुर्गों और बीमारों के लिए ‘संजीवनी’ बनी स्वास्थ्य सेवाएँ
यात्रा मार्ग पर इस बार बुजुर्ग यात्रियों के लिए विशेष सहूलियतें दी गई हैं। प्रशासन ने सुनिश्चित किया है कि:
- स्वच्छ पेयजल: पूरे पैदल मार्ग और विश्राम स्थलों पर पीने के साफ पानी की उपलब्धता।
- मेडिकल कैंप: जगह-जगह ऑक्सीजन सपोर्ट और प्राथमिक चिकित्सा केंद्रों की स्थापना।
- शालीन व्यवहार: प्रयागराज से आए श्रद्धालु अभिषेक ने बताया कि पुलिसकर्मी बेहद शालीनता से पेश आ रहे हैं और टोकन सिस्टम के जरिए व्यवस्थित दर्शन करा रहे हैं।

स्वच्छता की नई मिसाल: सिंगल यूज प्लास्टिक पर लगाम
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की ‘स्वच्छ चारधाम’ अपील का असर अब धरातल पर दिखने लगा है। श्रद्धालु स्वयं जागरूक होकर कूड़ा निस्तारण में सहयोग कर रहे हैं। इस वर्ष यात्रा मार्ग पर सिंगल यूज प्लास्टिक का प्रयोग नगण्य देखा जा रहा है, जो पारिस्थितिकी तंत्र के लिए एक शुभ संकेत है।



