हरिद्वार के हरि सेवा आश्रम पहुंचे मुख्यमंत्री धामी, बोले- उत्तराखंड को बनाएंगे विश्व की आध्यात्मिक राजधानी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार के हरि सेवा आश्रम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ और विशाल संत सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने पूज्य संत-महात्माओं का स्वागत और सम्मान किया। मुख्यमंत्री ने समाज में सेवा, संस्कार और जागरूकता बढ़ाने के लिए आश्रम द्वारा किए जा रहे कार्यों की जमकर सराहना की। इस खास मौके पर उनके साथ पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और विधानसभा अध्यक्ष रितु खंडूड़ी भूषण समेत कई बड़े नेता भी मौजूद रहे।
भाषण की मुख्य बातें और सरकार के बड़े फैसले:
- आध्यात्मिक चेतना और संतों का योगदान: मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह इंसान को नैतिक मूल्यों और जीवन के सही उद्देश्य से जोड़ने का जरिया है। उन्होंने संतों को भारतीय संस्कृति और राष्ट्र चेतना का रक्षक बताते हुए कहा कि इतिहास गवाह है कि संतों ने हमेशा देश के निर्माण में बड़ी भूमिका निभाई है।
- देश में सांस्कृतिक पुनर्जागरण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पूरा देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम, महाकाल लोक और केदारनाथ धाम का पुनर्विकास इसके सबसे बड़े उदाहरण हैं, जो हमारी आध्यात्मिक विरासत को नई ताकत दे रहे हैं।
- सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा के लिए कड़े कदम: मुख्यमंत्री ने साफ किया कि उत्तराखंड सरकार राज्य की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान को बचाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी संकल्प के तहत राज्य में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, समान नागरिक संहिता (UCC) और मजबूत भू-कानून जैसे ऐतिहासिक निर्णय लागू किए गए हैं। साथ ही सरकारी जमीनों से अवैध अतिक्रमण हटाने की मुहिम भी तेजी से चल रही है।
- युवा पीढ़ी को सनातन से जोड़ने की पहल: राज्य सरकार युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए नए प्रयास कर रही है। इसके तहत दून विश्वविद्यालय में ‘सेंटर फॉर हिंदू स्टडीज’ की शुरुआत की गई है, जहाँ भारतीय दर्शन और सभ्यता पर रिसर्च की जाएगी। इसके साथ ही हरिद्वार में एक प्राच्य शोध संस्थान भी बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिचेतानन्द जी महाराज का धन्यवाद करते हुए संत समाज से उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य के लिए मार्गदर्शन और आशीर्वाद मांगा। उन्होंने भरोसा जताया कि संतों की प्रेरणा और जनता के सहयोग से उत्तराखंड को देश का नंबर वन राज्य बनाने का संकल्प जरूर पूरा होगा।



